भोपाल: सौरभ शर्मा मामले में पूर्व परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह की चुनौती के जवाब में कांग्रेस ने मामले से जुड़े दस्तावेज जारी किए हैं. विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने आरोप लगाया है कि "परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की अनुकंपा नियुक्ति के मामले में पूर्व परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने ही नियम विरूद्ध तरीके से अनुशंसा की थी और इसके बाद विभाग में उसे नियुक्ति दी गई. हेमंत कटारे ने कहा कि वे इससे जुड़े दस्तावेज लोकायुक्त को सौंपेंगे. पूर्व परिवहन मंत्री और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग करेंगे.
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विभाग में नियुक्ति के पहले ही सौरभ शर्मा चेक पोस्ट पर उगाही का काम करता था. उसके इसी हुनर को देखकर पूर्व मंत्री ने उसे परिवहन विभाग में नियुक्ति कराई. अब एजेंसियां सौरभ शर्मा को इसीलिए खोजकर गिरफ्तार नहीं कर रहीं, ताकि बड़े लोगों की पोल न खुल सके."
हेमंत कटारे का भूपेंद्र सिंह पर बड़ा आरोप
उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि "सौरभ शर्मा कहां है, यह प्रदेश की पुलिस अब तक पता ही नहीं कर पाई, या यह भी हो सकता है कि एजेंसियां उसे फरार रखे हुए हैं, ताकि बड़े लोगों की पोल न खुल सके. उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह की कृपा से ही सौरभ शर्मा को परिवहन विभाग में पदस्थ किया गया. उनकी ही कृपा से ही आरक्षक होते हुए भी सौरभ शर्मा को बड़े चेक पोस्ट पर तैनात रखा गया.
जिन चेक पोस्ट पर इंस्पेक्टर को तैनात होना चाहिए, ऐसे कई पोस्टों पर अकेले सौरभ शर्मा को प्रभार सौंपा गया. भूपेंद्र सिंह परिवहन विभाग से नगरीय प्रशासन मंत्री बने, तब भी सागर के मालथौन चेक पोस्ट का जिम्मा सौरभ शर्मा को दिया गया. भूपेन्द्र सिंह के स्टाफ में पदस्थ सेंगर के माध्यम से सौरभ शर्मा से कलेक्शन किया जाता था. उन्होंने कहा कि हाल ही में भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि उनका सौरभ शर्मा से कोई लेना देना नहीं रहा और मंत्री को आरक्षक की नियुक्ति संबंधी अधिकार नहीं होते, तो फिर पूर्व मंत्री ने सौरभ शर्मा की अवैध तरीके से अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा क्यों की थी?"
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प्रकरण पंजीबद्ध करने की मांग
हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि "सरकार की अनुकंपा नियुक्ति नीति में प्रावधान है कि यदि अनुकंपा नियुक्ति के मामले में संबंधित विभाग में कोई पद खाली नहीं है तो ऐसे मामले में संबंधित को संविदा नियुक्ति पर रखा जाता है. जब विभाग में पद खाली होते हैं, तो उसे नियमित किए जाने का प्रावधान है. नियमों की अनदेखी करते हुए पूर्व मंत्री द्वारा नोटशीट लिखी गई थी. इसके बाद जब परिवहन विभाग ने सौरभ शर्मा की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किया तो उसमें तत्कालीन परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह की 14 सितंबर 2016 को भेजी गई नोटशीट का हवाला दिया था. कांग्रेस नेता ने कहा कि वे इससे जुड़े दस्तावेज लोकायुक्त को सौंप कर कार्रवाई करने की मांग करेंगे."