वाराणसी: काशीपुराधिपति की नगरी में उनके विवाह के उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. आज बाबा विश्वनाथ को मेवाड़ की हल्दी चढ़ाई जाएगी. 25 फरवरी को भजन कार्यक्रम और 26 फरवरी को बाबा विश्वनाथ का विवाह होगा. हल्दी से लेकर के विवाह तक के कार्यक्रम गोदौलिया के टेढ़ी नीम स्थित पूर्व महंत के आवास पर संपन्न होंगे. इस मौके पर शिव भजन और लोकगीतों से बाबा विश्वनाथ व मां गौरा के दांपत्य जीवन को लेकर के शुभकामनाएं दी जाएंगी. इस बीच बनारस श्रद्धालुओं से पट चुका है. लाखों श्रद्धालु रोज ही बाबा विश्वनाथ धाम के लिए पहुंच रहे हैं. यहां तक कि वाहनों को शहर के बाहर ही रोक दिया जा रहा है. जानिए इस महाआयोजन की क्या हैं तैयारियां.
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40 लाख श्रद्धालु हो सकते हैं शामिल: 26 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा. इसमें बाबा विश्वनाथ के विवाह में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु बनारस आएंगे. अब तक 10 लाख श्रद्धालु काशी पहुंच चुके हैं और आगामी दो दिनों में यह आंकड़ा 40 लाख तक जाने के अनुमान हैं. सोमवार से बाबा विश्वनाथ के विवाह का कार्यक्रम शुरू हो गया है, जिसमें पहले दिन भोलेनाथ को मेवाड़ की हल्दी अर्पित की जाएगी. हल्दी का कार्यक्रम पूर्व महंत कुलपति तिवारी के आवास पर होगा, जिसे उनके बेटे पंडित वाचस्पति तिवारी निभाएंगे. इस मौके पर बाबा को खास बनारसी ठंडाई, पान और पंचमेवा का भोग लगेगा.

बाबा विश्वनाथ का दरबार सजा: बाबा विश्वनाथ के विवाह कार्यक्रम के बारे में पंडित वाचस्पति तिवारी ने बताया कि, आज बाबा का विशेष राजसी स्वरूप में श्रृंगार करके उनकी आरती उतारी जाएगी. मेवाड़ से लाई गई हल्दी चढ़ने के बाद बाबा विश्वनाथ की नजर उतारी जाएगी. इसके साथ ही मंगल गीतों की शुरुआत हो जाएगी, जो विवाह पर्यंत चलती रहेगी. इसी क्रम में महाशिवरात्रि के मद्देनजर बाबा विश्वनाथ के दरबार को भी दुल्हन की तरह सजाया गया है. आज सुबह 2.45 बजे विश्वनाथ मंदिर के कपाट खोल दिए गए. पुजारी ने विधि विधान से पूजन अर्चना, अभिषेक करने के साथ बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया. वर्तमान समय में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आए हुए हैं.

बसंत पंचमी को चढ़ा था तिलक: बसंत पंचमी से बाबा के विवाह के कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी. बसंत पंचमी के दिन बाबा का तिलक चढ़ा था, उसके बाद 24 फरवरी यानी आज शाम बाबा विश्वनाथ को हल्दी अर्पित की जाएगी और 26 फरवरी को बाबा विश्वनाथ का मां गौरा के साथ विवाह होगा. महाशिवरात्रि के दिन बाबा का दरबार अनवरत 32 घंटे तक खुला रहेगा, जहां वह अपने भक्तों को दर्शन देंगे.
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बाबा की बारात का रूट: बाबा भोलेनाथ की बारात मैदागिन महामृत्युंजय बाबा के दरबार से निकलेगी, जो मैदागिन के अलग-अलग हिस्सों से होते हुए विश्वनाथ धाम जाकर समाप्त होगी. ज्यादा भीड़ को देखते हुए विवाह उपरांत शोभायात्रा 27 फरवरी को निकाली जाएगी.
27 फरवरी तक VIP दर्शन पर रोक: इस बारे में मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण की मानें तो श्रद्धालुओं का महाकुंभ से पलट प्रभाव वाराणसी में लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण विश्वनाथ मंदिर में दर्शनार्थियों के संख्या में वृद्धि हो रही है. ऐसे में महाशिवरात्रि के दिन देश के अलग-अलग हिस्सों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु, नागा संन्यासी, साधु-संत बाबा विश्वनाथ के दरबार में शोभायात्रा निकालकर दर्शन-पूजन करेंगे, जिससे लगभग 5 से 6 घंटे तक दर्शन प्रभावित रहेगा. इसके कारण लगभग 6 घंटे गेट नंबर 4 गोदौलिया से सामान्य जन को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में आज से लेकर के 27 फरवरी तक किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है, इसके साथ ही कोई भी VIP दर्शन नहीं कराया जाएगा.
2 दिन में 13 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया बाबा का दर्शन: यदि विश्वनाथ मंदिर के 2 दिन के आंकड़ों की बात करें तो 22 और 23 फरवरी को मंदिर में लगभग 13 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं. 22 फरवरी को जहां 6,34,736 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए तो वहीं 23 फ़रवरी को रात्रि 11:30 बजे तक 6,59,554 श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ धाम पहुंचे.
ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव : वाराणसी शहर में यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण होटल व पार्किंग पूरी तरीके से फुल हैं. बॉर्डर पर ही बाहरी वाहनों को रोका जा रहा है. इसके साथ ही ट्रांसपोर्टेशन के वाहन भी शहर की सीमा पर बनाए गए पार्किंग स्थल पर रोक दिए जा रहे हैं. शहर के अंदर ऑटो, ई रिक्शा और ई बस के जरिए ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है. इसके साथ ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए गोदलिया से चौक मैदागिन तक लंबी लाइन लगी हुई है. जिसे कंट्रोल करने के लिए बैरिकेडिंग के साथ ड्रोन की निगरानी भी की जा रही है.
शहर के अंदर-बाहर पार्किंग फुल: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के बाबत एडीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडे ने बताया कि, छोटे चारपहिया वाहनों को शहर के अंदर बनाए गए पार्किंग तक आने दिया जा रहा है. शहर के भीतर बने पार्किंग स्थल यदि फुल हो जा रहे हैं तो चारपहिया वाहनों को शहर की सीमा पर ही बनाए गए पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है. वर्तमान समय में 25 से 30000 गाड़ियां खड़ी हैं और अंदर की सभी पार्किंग स्थल फुल हो चुके हैं. शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर के जगह-जगह बैरिकेडिंग कर ड्रोन व विशेष सुरक्षा बलों के जरिए निगरानी की जा रही है.