ETV Bharat / state

महाशिवरात्रि पर बगैर नंदी के यहां हो रही भोलेनाथ की पूजा, दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु - MAHASHIVRATRI 2025

हरियाणा के कुरुक्षेत्र में महाशिवरात्रि पर शिवमंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. शिवरात्रि पर्व को लेकर भक्तों में खासा उत्साह है.

Kaleshwar Mahadev Temple
कालेश्वर महादेव मंदिर (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : Feb 26, 2025, 12:11 PM IST

कुरुक्षेत्र: देशभर के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूम-धाम से मनाई जा रही है. इस बीच कुरुक्षेत्र के एक शिव मंदिर में बगैर नंदी के भोलेनाथ की पूजा की जा रही है. सुबह से ही इस मंदिर में महादेव के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है.

Kaleshwar Mahadev Temple in kurukshetra
कालेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ (ETV Bharat)

यहां बगैर नंदी के हो रही शिवजी की पूजा: दरअसल, हम बात कर रहे हैं हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित श्री कालेश्वर महादेव मंदिर की. इस मंदिर में महादेव बिना नंदी के विराजमान हैं. भक्त यहां बगैर नंदी के ही शिवजी की पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं. महाशिवरात्रि के मौके पर यहां दूर-दूर से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. भक्त यहां सुबह से ही भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए आए हुए हैं. शिवभक्त यहां भोलेनाथ को भांग, धतूरा, शहद, दूध, दही के साथ जलभिषेक कर रहे हैं.

Kaleshwar Mahadev Temple in kurukshetra
महाशिवरात्रि पर कालेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ (ETV Bharat)

सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़: इस बारे में कालेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि "महाशिवरात्रि के मौके पर कुरुक्षेत्र के कालेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ है. भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. महादेव इतने भोले होते हैं कि उनको अगर एक लोटा जल भी अर्पित कर दिया जाए तो उसमें ही वो खुश हो जाते हैं, इसलिए महादेव को भोलेनाथ के नाम से जाना जाता है. वह अपने भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं. कालेश्वर महादेव मंदिर में महादेव के दर्शन करने से और जल अर्पित करने से अकाल मृत्यु दोष दूर होता है. सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है, इसलिए यहां पर श्रद्धालु भारी संख्या में महादेव के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. महाशिवरात्रि को महादेव और माता पार्वती के विवाह के तौर पर मनाया जाता है, इसलिए इस शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है."

कालेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब (ETV Bharat)

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब: महादेव के दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु ने कहा कि, "वह अक्सर महादेव के दर्शन करने के लिए आते हैं. महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. खासकर शिवजी को पंचामृत से स्नान करवाया जाता है." एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि, "मैं महादेव में काफी आस्था रखता हूं, क्योंकि वे देवों के देव महादेव हैं. यहां जो भी इंसान अपनी इच्छा मांग कर जाता है. वह सभी पूरी होती हैं. महाशिवरात्रि के दौरान कुछ श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं."

महाशिवरात्रि पर महादेव और माता पार्वती की एक साथ पूजा-अर्चना की जाती है. कुरुक्षेत्र में भी शिवरात्रि पर सभी भक्त शिवमंदिर में महादेव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर में खास इंतजाम किए गए हैं.

ये भी पढ़ें: Maha Shivaratri 2025: यहां बिन नंदी महाराज के विराजमान हैं महादेव, इस मंदिर में पूजा का है विशेष महत्व - MAHA SHIVARATRI 2025

कुरुक्षेत्र: देशभर के शिव मंदिरों में महाशिवरात्रि पर्व बड़े धूम-धाम से मनाई जा रही है. इस बीच कुरुक्षेत्र के एक शिव मंदिर में बगैर नंदी के भोलेनाथ की पूजा की जा रही है. सुबह से ही इस मंदिर में महादेव के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है.

Kaleshwar Mahadev Temple in kurukshetra
कालेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की भीड़ (ETV Bharat)

यहां बगैर नंदी के हो रही शिवजी की पूजा: दरअसल, हम बात कर रहे हैं हरियाणा के कुरुक्षेत्र स्थित श्री कालेश्वर महादेव मंदिर की. इस मंदिर में महादेव बिना नंदी के विराजमान हैं. भक्त यहां बगैर नंदी के ही शिवजी की पूजा-अर्चना करने पहुंच रहे हैं. महाशिवरात्रि के मौके पर यहां दूर-दूर से भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है. भक्त यहां सुबह से ही भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए आए हुए हैं. शिवभक्त यहां भोलेनाथ को भांग, धतूरा, शहद, दूध, दही के साथ जलभिषेक कर रहे हैं.

Kaleshwar Mahadev Temple in kurukshetra
महाशिवरात्रि पर कालेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ (ETV Bharat)

सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़: इस बारे में कालेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित राकेश शास्त्री ने बताया कि "महाशिवरात्रि के मौके पर कुरुक्षेत्र के कालेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ है. भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. महादेव इतने भोले होते हैं कि उनको अगर एक लोटा जल भी अर्पित कर दिया जाए तो उसमें ही वो खुश हो जाते हैं, इसलिए महादेव को भोलेनाथ के नाम से जाना जाता है. वह अपने भक्त की हर मनोकामना पूरी करते हैं. कालेश्वर महादेव मंदिर में महादेव के दर्शन करने से और जल अर्पित करने से अकाल मृत्यु दोष दूर होता है. सभी प्रकार की मनोकामना पूरी होती है, इसलिए यहां पर श्रद्धालु भारी संख्या में महादेव के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. महाशिवरात्रि को महादेव और माता पार्वती के विवाह के तौर पर मनाया जाता है, इसलिए इस शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है."

कालेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब (ETV Bharat)

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब: महादेव के दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु ने कहा कि, "वह अक्सर महादेव के दर्शन करने के लिए आते हैं. महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. खासकर शिवजी को पंचामृत से स्नान करवाया जाता है." एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि, "मैं महादेव में काफी आस्था रखता हूं, क्योंकि वे देवों के देव महादेव हैं. यहां जो भी इंसान अपनी इच्छा मांग कर जाता है. वह सभी पूरी होती हैं. महाशिवरात्रि के दौरान कुछ श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं."

महाशिवरात्रि पर महादेव और माता पार्वती की एक साथ पूजा-अर्चना की जाती है. कुरुक्षेत्र में भी शिवरात्रि पर सभी भक्त शिवमंदिर में महादेव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर में खास इंतजाम किए गए हैं.

ये भी पढ़ें: Maha Shivaratri 2025: यहां बिन नंदी महाराज के विराजमान हैं महादेव, इस मंदिर में पूजा का है विशेष महत्व - MAHA SHIVARATRI 2025

ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.