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झारखंड कांग्रेस का रांची डीआरएम पर आरोप, कहा- टेंडर में गड़बड़ी कर लाखों रुपये के राजस्व को पहुंचाई क्षति - Congress Accuses Ranchi DRM - CONGRESS ACCUSES RANCHI DRM

Scam in railway tender.रांची डीआरएम पर झारखंड कांग्रेस की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामला टेंडर से जुड़ा हुआ है. कांग्रेस का आरोप है कि टेंडर देने में नियमों की अनदेखी की गई है.

Congress Accuses Ranchi DRM
झारखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : Jul 1, 2024, 8:02 PM IST

रांची: झारखंड कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर रांची डीआरएम पर टेंडर गड़बड़ी का बड़ा आरोप लगाया है. कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि रांची डिवीजन में मुरी, टाटीसिल्वे, लोधमा, लोहरदगा, बकस में ट्रैक मेंटेनेंस के लिए मानव श्रमिक सप्लाई करने का टेंडर रेलवे के टीआरडी इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट द्वारा किया गया था. 16 मई को टेक्निकल बीड खुला. जिसमें विनोद कंस्ट्रक्शन, जय माता दी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन और प्रकाश कंस्ट्रक्शन शामिल हुए थे. टेक्निकल बीड में दो एजेंसी विनोद कंस्ट्रक्शन और प्रकाश कंस्ट्रक्शन ने क्वालीफाई किया था, जबकि जय माता दी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन डिसक्वालिफाई कर दिया गया था.

जानकारी देते झारखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा. (वीडियो-ईटीवी भारत)

टेंडर घोटाले से रेलवे को 72 लाख रुपये से अधिक का राजस्व नुकसानः राकेश सिन्हा

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने बताया कि बीड के अनुसार प्रकाश कंस्ट्रक्शन एल-01 हुआ था. उसका बीड 1.24 करोड़ का था, जबकि विनोद कंस्ट्रक्शन का बीड 1 करोड़, 96 लाख, 39 हजार 719.65 रुपये का था. इस तरह से उसका टेंडर करीब 72 लाख 39 हजार ज्यादा होने के बावजूद टेंडर प्रकाश कंस्ट्रक्शन की जगह विनोद कंस्ट्रक्शन को मिल गया. राकेश सिन्हा ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि रेलवे के 72 लाख रुपये से अधिक का राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है.

कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि चंदा लो, धंधा दो वाली केंद्र की सरकार में रांची डीआरएम ने किस व्यवस्था के तहत सबसे कम यानि L-1 की जगह वैसी एजेंसी को टेंडर दे दिया जो L-1 नहीं था.

टेंडर गोपनीयता की बात, मुझे मामले की जानकारी नहीं-डीआरएम

इस संबंध में रांची डीआरएम जसमीत सिंह बिंद्रा ने कांग्रेस की ओर से लगाये गए आरोप पर ईटीवी भारत को फोन पर बताया कि पूरे मामले की उनको कोई जानकारी नहीं है. डीआरएम स्तर से कोई इस तरह का टेंडर नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कोई भी टेंडर गोपनीयता से जुड़ा मामला होता है.

ये भी पढ़ें-

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डीआरएम ने व्यवसायियों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, रेलवे में लोडिंग बढ़ाने को लेकर हुई चर्चा

रांची: झारखंड कांग्रेस ने सोमवार को प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर रांची डीआरएम पर टेंडर गड़बड़ी का बड़ा आरोप लगाया है. कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि रांची डिवीजन में मुरी, टाटीसिल्वे, लोधमा, लोहरदगा, बकस में ट्रैक मेंटेनेंस के लिए मानव श्रमिक सप्लाई करने का टेंडर रेलवे के टीआरडी इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट द्वारा किया गया था. 16 मई को टेक्निकल बीड खुला. जिसमें विनोद कंस्ट्रक्शन, जय माता दी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन और प्रकाश कंस्ट्रक्शन शामिल हुए थे. टेक्निकल बीड में दो एजेंसी विनोद कंस्ट्रक्शन और प्रकाश कंस्ट्रक्शन ने क्वालीफाई किया था, जबकि जय माता दी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन डिसक्वालिफाई कर दिया गया था.

जानकारी देते झारखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राकेश सिन्हा. (वीडियो-ईटीवी भारत)

टेंडर घोटाले से रेलवे को 72 लाख रुपये से अधिक का राजस्व नुकसानः राकेश सिन्हा

कांग्रेस नेता राकेश सिन्हा ने बताया कि बीड के अनुसार प्रकाश कंस्ट्रक्शन एल-01 हुआ था. उसका बीड 1.24 करोड़ का था, जबकि विनोद कंस्ट्रक्शन का बीड 1 करोड़, 96 लाख, 39 हजार 719.65 रुपये का था. इस तरह से उसका टेंडर करीब 72 लाख 39 हजार ज्यादा होने के बावजूद टेंडर प्रकाश कंस्ट्रक्शन की जगह विनोद कंस्ट्रक्शन को मिल गया. राकेश सिन्हा ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए कहा कि रेलवे के 72 लाख रुपये से अधिक का राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया है.

कांग्रेस नेता ने उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि चंदा लो, धंधा दो वाली केंद्र की सरकार में रांची डीआरएम ने किस व्यवस्था के तहत सबसे कम यानि L-1 की जगह वैसी एजेंसी को टेंडर दे दिया जो L-1 नहीं था.

टेंडर गोपनीयता की बात, मुझे मामले की जानकारी नहीं-डीआरएम

इस संबंध में रांची डीआरएम जसमीत सिंह बिंद्रा ने कांग्रेस की ओर से लगाये गए आरोप पर ईटीवी भारत को फोन पर बताया कि पूरे मामले की उनको कोई जानकारी नहीं है. डीआरएम स्तर से कोई इस तरह का टेंडर नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कोई भी टेंडर गोपनीयता से जुड़ा मामला होता है.

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