लखनऊ : केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) की ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए बुधवार को नया लाइसेंस जारी कर दिया गया. यह दो साल के लिए वैध रहेगा. लाइसेंस मिलने के बाद फिर से यूनिट शुरू हो जाएगी.
यूनिट का लाइसेंस 22 जुलाई 2023 को ही समाप्त हो गया था. इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया और बीती 22 फरवरी तक इसका संचालन होता रहा. क्वीनमेरी में पूरे प्रदेश से बेहद गंभीर हालत में मरीज आते हैं. ऐसे में बिना लाइसेंस यूनिट का संचालन होने पर सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा का था. मामला उठने के बाद केजीएमयू प्रशासन ने ब्लड स्टोरेज यूनिट बंद करने के साथ नए लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया.
यूनिट बंद होने के बाद तीमारदारों को शताब्दी फेज-2 के ब्लड बैंक से खून लाना पड़ रहा था. पहले भी खून वहीं से लाया जाता था, लेकिन क्वीनमेरी में उसे स्टोर करने की सुविधा मिल जाती थी. सरकारी संस्थान होने से केजीएमयू की यूनिट को लाइसेंस तुरंत मिल गया. लेकिन, नवीनीकरण में लापरवाही बरतने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ के.के सिंह ने कहा कि क्वीनमेरी की ब्लड स्टोरेज यूनिट के लाइसेंस के लिए नया आवेदन किया गया था. ड्रग विभाग से जल्द निरीक्षण करके लाइसेंस जारी करने का अनुरोध किया था. लाइसेंस जारी हो गया है. अब यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा.
बलरामपुर अस्पताल में स्ट्रोक यूनिट शुरू
बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी के पहले तल पर बुधवार को स्ट्रोक यूनिट की शुरुआत हुई. इसमें 24 घंटे इलाज मिलेगा. न्यूरो सर्जन डॉ. विनोद तिवारी ने बताया कि बात करते समय अचानक मुंह टेढ़ा हो जाए, बोलने में दिक्कत हो, हाथ न उठे या संतुलन बिगड़ जाए तो सतर्क हो जाएं. यह ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) हो सकता है. तत्काल व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं. तीन-चार घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो लकवा होने की आशंका काफी कम हो जाती है.
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