वाराणसी: उत्तर प्रदेश भाजपा में सियासी घमासान के बीच अब विधायक भी खुलकर अपनी बातें रखने लगे हैं. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिस तरह से दिल्ली में जेपी नड्डा से मुलाकात करने के बाद नेतृत्व और संगठन को बड़ा मानकर सरकार को तवज्जो नहीं दी है. उसके बाद चर्चा का बाजार गर्म है.
उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने स्पष्ट तौर सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि संगठन बड़ा है ना कि सरकार. इसके बाद अब चंदौली सैयदराजा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुशील सिंह ने भी संगठन को ही बड़ा माना है. उनका कहना है संगठन से ही सरकार बनती है इसमें कोई दो राय नहीं है.
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उत्तर प्रदेश में सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी चंदौली सैयदराजा से विधायक सुशील सिंह ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह केशव मौर्य का अपना निजी बयान हो सकता है लेकिन इसमें कोई कहने वाली बात नहीं है कि संगठन हमेशा से बड़ा होता है, क्योंकि किसी भी पार्टी का संगठन ही सरकार का चुनाव करता है. मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ को संगठन ने ही चुना है.
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हमारे मुखिया और प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ हैं. यह निश्चित है की समस्याएं हैं, विधायकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यह भ्रम की स्थिति अधिकारियों कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के बीच बनाई जा रही है कि कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन इन दिक्कतों के समाधान के लिए हम समय-समय पर अपने और प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से चर्चा करते रहते हैं.
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सुशील ने कहा कि उनके मेरा मानना है कि यह उनका निजी विचार हो सकता है कि आगे आने वाले समय में क्या होगा, लेकिन संगठन ही सरकार का निर्माण करता है और सरकार को बनाता है यह सत्य है. सुशील सिंह का कहना है कि आगे आने वाले 2027 के चुनाव में क्या होगा क्या नहीं यह तो पार्टी निर्धारित करेगी, लेकिन वर्तमान समय में हमारे मुखिया योगी आदित्यनाथ हैं और संगठन ने उनको चुनकर सरकार के तौर पर नियुक्त किया है.
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वह सरकार चला रहे हैं. हमें इन बातों से कोई लेना-देना नहीं की कौन क्या कह रहा है, लेकिन अभी वर्तमान में वह हमारे मुखिया हैं और हमें अपनी समस्याओं को उन तक पहुंचाना होता है जो निर्णय संगठन लगा हम सभी उसके साथ खड़े होंगे, क्योंकि हम सभी भाजपा के कार्यकर्ता हैं और संगठन से जुड़े हैं.
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