श्रीनगर: वैसे तो महिलाएं आमतौर पर अस्पतालों या घरों में बच्चों को जन्म देती हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में ऐसे 800 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जब अस्पताल ले जाते समय एंबुलेंस में बच्चों का जन्म हुआ है.
इन सभी महिलाओं की एंबुलेंस के अंदर सामान्य डिलीवरी हुई और डिलीवरी में एंबुलेंस के अंदर तैनात प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा सहायता की गई. 108 एंबुलेंस सेवा 2020 में जम्मू और कश्मीर प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बीजीवी लिमिटेड के साथ निजी साझेदारी में शुरू की गई थी. ये एक निजी कंपनी है जो पूरे भारत में सार्वजनिक क्षेत्र को विभिन्न सेवाएं प्रदान करती है.
यह एंबुलेंस सेवा पूरे जम्मू-कश्मीर में मरीजों के लिए निःशुल्क है और लोगों को चिकित्सीय आपात्कालीन स्थिति में बस 108 डायल करना होता है. यह सेवा जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में उपलब्ध है.
बीजीवी लिमिटेड के लिए 108 सेवा के प्रोजेक्ट मैनेजर मुश्ताक अहमद ने ईटीवी भारत को बताया कि इन 1000 डिलीवरी में से 807 डिलीवरी एंबुलेंस के अंदर की गईं और शेष 193 डिलीवरी में कर्मचारियों द्वारा उनके घरों में सहायता की गई.
अहमद ने बताया कि 'सभी महिलाएं और उनके बच्चे बच गए. इस सेवा ने पिछले तीन वर्षों में कई लोगों की जान बचाई है.' उन्होंने कहा कि इस सेवा ने 2 लाख 71 हजार मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाया और जान बचाई.