नई दिल्ली: महाराष्ट्र की विवादित प्रोबेशनरी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिसपर बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया. इससे पहले मंगलवार को सरकारी वकील ने इसके लिए और समय की मांग की, जिसपर कोर्ट ने सुनवाई टाल दी थी. संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से दिल्ली पुलिस में पूजा खेडकर के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है.
हाल ही में 2023 बैच की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए आरक्षण का लाभ लेने और सत्ता के दुरुपयोग जैसे कई आरोप लगे थे. इसके बाद पूजा खेडकर के खिलाफ केंद्र सरकार ने सभी आरोपों की जांच के लिए एक सदस्यीय पैनल का गठन किया था, जिसने 27 जुलाई को अपनी जांच रिपोर्ट कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को सौंपी थी.
दरअसल पूजा खेडकर पर आरोप है कि उसने यूपीएससी परीक्षा में बैठने से पहले खुद को ओबीसी श्रेणी का बताते हुए एक फर्जी प्रमाणपत्र जमा किया. साथ ही आरोप है कि उसने फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के लिए भी आवेदन किया था. वह प्रोबेशन के दौरान अवैध मांग करने को लेकर विवादों में घिरी थी. विवाद बढ़ने के बाद पूजा खेडकर पर महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए ट्रेनिंग पर रोक लगा दी और फील्ड पोस्टिंग से हटाकर मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) में रिपोर्ट करने का आदेश दिया था.
यह भी पढ़ें- न UPSC... न सरकार, कौन छीन सकता है IAS की नौकरी, जानें पूजा खेडकर पर एक्शन कौन लेगा
हालांकि वह तय समय पर एलबीएसएनएए नहीं पहुंची, जिसके बाद 18 जुलाई को पुलिस ने पूजा खेडकर की मां को गिरफ्तार किया था. उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह मुलशी में कुछ किसानों को उनकी जमीन हड़पने के लिए पिस्तौल से धमकाती नजर आ रही थीं. मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.
यह भी पढ़ें- आरटीआई कार्यकर्ता ने यूपीएससी चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, राष्ट्रपति को लिखा पत्र