गोरखपुरः कोरोना महामारी की वजह से पहली बार ऐसा होगा जब श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उत्साह सड़कों पर नहीं दिखेगा. पारंपरिक स्थानों पर इस बार झांकियों का आयोजन नहीं होगा. गोलघर स्थित जलकल कार्यालय में 60 वर्षों से लगने वाली झांकी इस बार नहीं सजेगी, जबकि यहां पर हर साल जन्माष्टमी पर झांकी सजती थी और 2 दिन तक जन्माष्टमी का उल्लास देखा जाता था.
गोरखपुर: 60 साल से सज रही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की झांकी पर लगा ब्रेक - जलकल कार्यालय में जन्माष्टमी
गोरखपुर जिले के जलकल कार्यालय में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की लगने वाली झांकी इस बार नहीं सजेगी. कोरोना की वजह से इस पर प्रतिबंद लगा दिया गया है. साथ ही पूरे जिले में पारंपरिक रूप से लगने वाली झाकियां इस बार नहीं सजेंगी.
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पहला मौका है जब जलकर विभाग में झांकी रही नहीं सज रही है. जलकल की झांकी की भव्यता का आलम यह है की गोरखपुर ही नहीं वरन आसपास के क्षेत्रों से भी लोग दर्शन करने वाले आते थे. 2 दिन तक श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव, झांकी का सौंदर्य, गीत, संगीत, भजन की रसधार बहती रहती थी.
इस संबंध में ईटीवी भारत से बात करते हुए जलकल श्री कृष्ण जन्मोत्सव समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक कुमार पाठक ने बताया कि पिछले 38 वर्षों से वह जलकल विभाग में कार्यरत हैं. वहां पर लगातार 60 वर्षों से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता था, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से कार्यालय में झांकी नहीं सज रही है. इस वजह से कार्यालय के लोग काफी मायूस हैं.