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मानवता की मिसाल बने किशन, अपने साथियों के साथ कोरोना मृतकों कर रहे हैं अंतिम संस्कार

एक तरफ कोरोना संक्रमण का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ इससे मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. ऐसे में लोग एक दूसरे की मदद करने से कतरा रहे हैं. लेकिन ऐसे समय में भी कुछ लोग बिना कुछ परवाह किए समाजसेवा में जुटे हुए हैं. ऐसे ही उदयपुर के किशन सोनी हैं, जो कोरोना से मृत हुए उन लोगों के अंतिम संस्कार कर रहे हैं, जिनके परिजन नहीं हैं.

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Published : May 21, 2021, 10:14 AM IST

social worker Kishan Soni of Udaipur, funeral of corona dead
मानवता की मिसाल बने किशन

उदयपुर.वैश्विक महामारी कोरोना ने मानवता के ऊपर सबसे बड़ा हमला बोला है. हर रोज कोरोना के लाखों मामले देश और प्रदेश में सामने आ रहे हैं. इस महामारी से हर दिन हजारों लोग दम तोड़ रहे हैं. अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और जरूरतमंद दवाइयों को लेकर कालाबाजारी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कोरोना का भय लोगों के दिलों दिमाग पर अभी भी सवार है.

मानवता की मिसाल बने किशन

यही वजह है कि कुछ लोग अभी भी अपने रिश्तेदारों की या परिवार जनों की सहायता के लिए घबरा रहे हैं, लेकिन इस बीच उदयपुर के कुछ लोगों के समूह ने इस कोरोना काल में ऐसी लकीर खींचने का काम किया है, जिससे मानवता पर भी गर्व हो. उदयपुर के रहने वाले किशन सोनी ने कोरोना महामारी से संघर्ष करके जान गंवाने वाले उन लोगों की सहायता के लिए पिछले साल से जी जान से जुटे हैं. जो लोग अपने रिश्तेदारों के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार नहीं कर पाते, तो ऐसे लोगों का अंतिम संस्कार किशन सोनी करते हैं.

ईटीवी भारत से बातचीत में किशन ने बताया कि अब तक उन्होंने 60 से अधिक लोगों का अंतिम संस्कार किया है. इसी के साथ उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल कोरोना की लहर में निंबाहेड़ा के मनीष का उदयपुर में कोरोना संक्रमण के कारण निधन हो गया था. जिसके बाद मनीष के परिजन भी इस संक्रमण की जद में आ गए थे और सभी लोग अस्पताल में उपचार करवा रहे थे. इसके चलते उनका अंतिम संस्कार करने वाला परिवार का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था. इस विकट घड़ी में एमबी प्रशासन द्वारा किशन सोनी से बातचीत की और उन्होंने कोरोना प्रोटोकॉल के अंतिम संस्कार किया. वहीं किशन उन लोगों की सहायता लगातार कर रहे हैं, जो इस महामारी की वजह से काफी परेशान हैं.

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किशन उदयपुर के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कालारोही के शारीरिक शिक्षक पद पर कार्यरत हैं. किशन ने बताया कि यह काम इतना आसान नहीं था. परिवार के लोगों ने भी कोरोना के कारण चिंता जाहिर की, लेकिन किशन ने सभी लोगों को समझाकर अपने कुछ साथियों, सतीश शर्मा, हेमंत सोनी, रवि कांत त्रिपाठी, देवेंद्र सिंह चुंडावत, जयवीर सिंह चौहान वाल्मीकि समाज के 10 से 12 लड़कों की टीम, जो नगर निगम में लगी हुई है, उनका भी सहयोग मिलता है.

किशन ने बताया कि शुरुआती दिनों में अंतिम संस्कार के लिए लकड़ियां और अन्य चीजों की व्यवस्था हमें खुद करनी पड़ती थी, लेकिन इस बीच उदयपुर नगर निगम द्वारा हमें अंतिम क्रिया की सभी सामग्री निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है. इसके साथ ही नगर निगम के कर्मचारी भी हमारे साथ हैं. वहीं कोरोना के कारण जान गंवाने वाले लोगों का विधि विधान से अंतिम संस्कार कराने के बाद उनकी अस्थियां उनके परिवारजनों तक पहुंचा रहे हैं. इस काम में उनके कई दोस्त भी साथ दे रहे हैं.

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