सीहोर। उत्तरप्रदेश सरकार और मध्यप्रदेश सरकार प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के जो दावे कर रही है वो इन तस्वीरों के आगे खोखले साबित नजर आ रहे हैं. सीहोर जिले के बुदनी के रहेटी थाना के नर्मदा नदी रेत घाट पर 6 महीने से रेत निकालने का काम करने वाले उत्तर प्रदेश के 300 से ज्यादा मजदूर कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं.
लॉकडाउन के चलते यूपी के 300 मजदूर सीहोर में फंसे, लगाई मदद की गुहार - corona virus havoc
कोरोना वायरस के चलते लागू हुए लॉकडाउन के कारण सीहोर में यूपी के 300 प्रवासी मजदूर फंसे हुए हैं. मजदूर अपने गृह जिले जाने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें सिवा आश्वासन के कुछ हासिल नहीं हो रहा है.

लॉकडाउन के कारण सारे काम बंद होने की वजह से इन मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. वहीं अब ये मजदूर अपने गृह जिले गोंडा पहुंचने के लिए एसडीएम और अन्य अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं. लेकिन प्रवासी मजदूरों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल रहा हैं.
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने प्रदेश के नागरिक जो दूसरे राज्यों में फंसे हैं उन्हें वापस लाने के लिए सरकार की तरफ से मदद करने की बात कह रहे हैं. बता दें कि बुदनी से अभी तक काफी प्रवासी मजदूर पलायन कर चुके हैं लेकिन अभी भी 300 से ज्यादा मजदूर यहां फंसे हुए हैं.