जोधपुर.राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण मोंगा की एकलपीठ ने एक याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश में बड़ी टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा, "सुलभ न्याय के लिए बनाई गई विधिक प्रक्रियाएं सारभूत न्याय प्राप्ति के मार्ग में बाधा नहीं हो सकती हैं." कोर्ट ने याचिकाकर्ता प्रियंका पाठक को सूची में चयनितों द्वारा ज्वाइन नहीं करने से रिक्त रहे पद पर नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं.
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुशील विश्नोई ने कहा कि याचिकाकर्ता ने वरिष्ठ अध्यापक (अंग्रेजी) के लिए आवेदन किया था. आरपीएससी की ओर से 16 पदों के लिए विज्ञप्ति थी. ऐसे में याचिकाकर्ता का प्रतीक्षा सूची में एक नम्बर पर नाम था. इस बीच याचिकाकर्ता को पता चला कि 16 चयनितों मे से एक अलका जैन ने ज्वाइनिंग नहीं की है. ऐसे में याचिकाकर्ता ने अपना नाम प्रतीक्षा सूची में एक नम्बर पर होने पर दावा किया था.