जयपुर:'दादी' शब्द को लेकर राजस्थान की विधानसभा में उठा सियासी बवाल लगातार जारी है. विपक्ष सदन की कार्यवाही से बहिष्कार करके धरने-प्रदर्शन में लगा है. वहीं, सरकार सदन में बजट पर बिना विपक्ष के चर्चा कर रही है. सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही तरफ से पहले कौन, पहले कौन माफी मांगे, इस पर गतिरोध बना हुआ है. हालांकि, सदन में चल रहे इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कुछ सदस्य लगातार कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बात बन नहीं पा रही है.
मंत्री की माफी को लेकर जब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से ईटीवी भारत ने बातचीत की तो उन्होंने साफ कर दिया कि सदन का गतिरोध खत्म हो. सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चले, इसके लिए हम भी आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं. मदन राठौड़ ने कहा कि जहां तक बात मंत्री के माफी की बात है, तो जो गलती हमारे मंत्री ने की ही नहीं, उस पर माफी के लिए मंत्री को कैसे कह दूं ?
राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष ने अमर्यादित शब्द बोले : विधानसभा में चल रहे गतिरोध पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हमारा पूरा प्रयास रहेगा कि गतिरोध समाप्त हो. सदन व्यवस्थित रूप से चले. प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार मिले. सदन के अंदर जो गतिरोध है, उसको समाप्त करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से बात कर कोशिश भी की, लेकिन राष्ट्रीय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अपनी बात से मुकर गए. जबकि उन्होंने जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया, वह मर्यादित थे. राजस्थान विधानसभा की राजनीति में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किसी ने नहीं किया.
गोविंद सिंह डोटासरा वादाखिलाफी की, जिसकी वजह से गतिरोध और बढ़ गया. विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में माफी मांगने की बात हो गई तो फिर हाउस में आकर माफी मांगने में क्या दिक्कत थी ? माफी मांगने से कोई छोटा नहीं हो जाता. उनके मन में क्या भाव पैदा हो गई पता नहीं, लेकिन उन्हें सदन से ऊपर अपने आपको मान लेना ठीक बात नहीं है.