नर्मदापुरम: जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर सोहागपुर में सिद्ध बाबा के नाम से एक प्रसिद्ध और अनोखा शिव मंदिर है. इस मंदिर में ईंट की छत नहीं है. यह वट वृक्ष की 6 जड़ों से बना हुआ है. 500 वर्ष पुराना वट वृक्ष महादेव को छाया प्रदान कर रहा है. प्राचीन अक्षय वट के प्राकृतिक मंडप में भगवान शिव विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि जिस वट वृक्ष की शाखाएं 1 हजार से अधिक हो जाती हैं, वह वट अक्षयवट कहलाता है.
स्थानीय निवासी ने दी थी जमीन
श्रद्धालुओं के मुताबिक, यहां वर्षों पहले मणि श्री पंच जूना अखाड़ा के काशी गिरि नागा बाबा साधु आकर बस गए थे. उन्होंने ही शिव मंदिर की स्थापना की थी. सोहागपुर के निवासी आलोक जायसवाल ने कहा, " मेरे पूर्वजों द्वारा 5 एकड़ जमीन दान में दी गई थी. यह सिद्ध महाराज का स्थान है. पहले यहां पर सिर्फ सिद्ध बाबा की माड़िया हुआ करती थी.''