Maha Shivratri 2025 Puja Vidhi:हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर पूजा करने वाले के सारे दुख और संकट हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं.
महाशिवरात्रि पर होगी मनोकामना पूरी :फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह भी हुआ था. आज के दिन जगह-जगह शिव बारात भी निकाली जाती है. साल भर में आने वाली 12 शिवरात्रियों में महाशिवरात्रि को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना गया है. महाशिवरात्रि पर भक्त भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं और फिर भगवान की पूजा करते हैं. शास्त्रों में कहा गया है कि आज के दिन पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से रोग, कष्ट और दोषों का निवारण हो जाता है. इसके अलावा महाशिवरात्रि पर भगवान की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर सारी मनोकामनाएं भी पूरी कर देते हैं. महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करने का भी ख़ास महत्व होता है. कुरुक्षेत्र के पंडित राकेश ने महाशिवरात्रि की पूजा विधि, मुहूर्त, पूजन सामग्री, मंत्र और जलाभिषेक के बारे में विस्तार से जानकारी दी है.
महाशिवरात्रि 2025 पर पूजा के शुभ मुहूर्त :कुरुक्षेत्र के पंडित राकेश ने बताया कि महाशिवरात्रि की आज सुबह 11.08 मिनट से शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन 27 फरवरी को सुबह 8.54 पर होगा. प्रथम पहर पूजन का मुहूर्त आज शाम 6.19 मिनट से शुरू होकर रात 9.26 मिनट तक रहेगा. वहीं दूसरे पहर के पूजन का मुहूर्त आज रात 9.26 मिनट से शुरू होकर 27 फरवरी यानी अर्धरात्रि 12.34 मिनट तक रहेगा. इसके बाद तीसरे पहर के पूजन का शुभ मुहूर्त अर्धरात्रि 12.34 मिनट से शुरू होकर सुबह 3.41 मिनट तक रहेगा. इसके बाद चौथे पहर के पूजन का समय 27 फरवरी को सुबह 3.41 मिनट से शुरू होकर सुबह 6.48 मिनट तक रहेगा. महाशिवरात्रि का पूजन निशिता काल में करने का खास महत्व है. निशिता काल का समय अर्धरात्रि 12.09 मिनट से लेकर 12.59 मिनट तक रहेगा जिसमें भगवान शिव का पूजन किया जाएगा.
महाशिवरात्रि पर शुभ संयोग : महाशिवरात्रि पर आज महासंयोग भी बना है. शुक्र मीन राशि में विद्यमान है, वहीं शनि कुंभ में विराजमान है जिससे आज शुक्र और शनि का पंचमहापुरुष योग बना है. चंद्रमा अपने नक्षत्र में विराजमान है. गुरु और शुक्र का राशि परिवर्तन भी है. ग्रहों का ये संयोग धन और रोजगार के लिए काफी उत्तम माना जा रहा है.
महाशिवरात्रि पर शुभ योग :महाशिवरात्रि पर बनने वाले शुभ मुहूर्त की बात करें तो आज गोधूलि मुहूर्त शाम 6.17 मिनट से शाम 6.42 मिनट तक रहेगा.
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक का मुहूर्त :अगर महाशिवरात्रि पर आज जलाभिषेक की मुहूर्त की बात करें तो आज शाम 6.08 मिनट तक जलाभिषेक का मुहूर्त है. वहीं जलाभिषेक का आखिरी मुहूर्त आज रात में 8.54 मिनट पर शुरू होकर रात 12.01 तक रहेगा.
महाशिवरात्रि पर पूजा की विधि :महाशिवरात्रि पर साफ-सुथरे कपड़े पहनकर शिव मंदिर या घर में भगवान शिव की पूजा करें. कच्चे दूध, शुद्ध घी से शिवलिंग का अभिषेक करें. फिर भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, फल, फूल, मिठाई, मीठा पान, भांग, धतूरा, जायफल आदि अर्पित करें. इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें और शिव आरती गाएं. इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र या ॐ नमः शिवाय का जाप भी किया जा सकता है.
महाशिवरात्रि के मंत्र :महाशिवरात्रि पर मंत्रों की बात करें तो आप महामृत्युंजय मंत्र का जाप अवश्य करें. ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्...ऊर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्....इसके साथ रुद्र गायत्री मंत्र का जाप करें. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्. वहीं ध्यान के लिए नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें