अजमेर:महाशिवरात्रि के दिन अजमेर शिवमय नजर आया. जिले के सभी प्राचीन शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा. प्राचीन शिवालयों में मेले जैसा माहौल रहा. मराठाकालीन चार प्राचीन शिवालयों में दिनभर आस्था की सरिता बहती रही. भगवान शिव को जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और सुगंधित द्रव्यों को अर्पित कर भोग लगाया गया.
बीती रात कई जगह पर जागरण हुए. कई शिवालयों में चार प्रहर की पूजा का आयोजन हुआ. रूद्रपाठ और जलाभिषेक का दौर जारी रहा. अजमेर में मराठाकालीन चार प्रमुख शिवालय हैं. इनमें दरगाह क्षेत्र में इंद्र कोट इलाके में भगवान झरनेश्वर महादेव, मदार गेट पर शांतेश्वर महादेव, कोतवाली थाने के समीप राजराजेश्वर और शिव बाग में अर्द्ध चंदेश्वर है. इनके अलावा अतिप्राचीन शिवालयों में हाथी खेड़ा में कोटेश्वर महादेव, अजयसर में अजगंधेश्वर महादेव, श्रीनगर में नाल स्थित महादेव, होकरा में बैद्यनाथ, नांद में ककड़ेश्वर, मकड़ेश्वर, पुष्कर में अटमटेश्वर महादेव, लीला सेवड़ी में पांडेश्वर, केकड़ी में पारा गांव में पारेश्वर महादेव हैं. वहीं, पुष्कर के देवनगर में चित्रकूट धाम में 11 फीट ऊंचे शिवलिंग हैं. इन सभी शिवालयों में मेले सा माहौल महाशिवरात्रि के दिन रहा. भगवान शिवशंकर को प्रसन्न करने के लिए बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ शिवालयों में पूजा अर्चना के लिए पहुंचे.
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मंत्री सुरेश सिंह रावत ने भी लिया आशीर्वाद:महाशिवरात्रि के मौके पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पुष्कर के चित्रकूट धाम में 11 फीट ऊंचे शिवलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. इसके बाद पुष्कर नगर सेठ के नाम से विख्यात अति प्राचीन अटमटेश्वर महादेव मंदिर में भी मंत्री रावत दर्शन करने पहुंचे. यहां से मंत्री ने बटबाय गणेश मंदिर में भी जाकर आशीर्वाद लिया. मंत्री रावत ने देश और प्रदेश की उन्नति और समृद्धि की कामना की.
जगह जगह वितरित की गई ठंडाई और प्रसाद:जिले में कई शिवालयों में भक्तों के लिए ठंडाई और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई. यहां पूजा अर्चना के बाद लोगों ने ठंडाई का आनंद लिया. कई लोगों ने महाशिवरात्रि का व्रत रखा. भगवान शिव की पूजा अर्चना करने आई स्थानीय आंचल सेठी ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और पार्वती के अटूट प्रेम और मिलन का प्रतीक है. भगवान शिव को जल, दूध और सुगंधित द्रव्यों के साथ पसंदीदा भोग भी अर्पित किया गया है. भगवान शिव से परिवार की खुशहाली की कामना की है. स्थानीय निवासी प्रियंका ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर व्रत कर भगवान शिव की पूजा अर्चना कर परिवार में समृद्धि और खुशहाली की कामना की है. अर्द्धचंद्रेश्वर महादेव की पूजा के लिए आए स्थानीय दिलीप ने बताया कि वे बचपन से ही मंदिर में आ रहे हैं. यह मंदिर मराठा कालीन है. यहां भगवान शिव का अद्भुत शिवलिंग है. राजराजेश्वर महादेव मंदिर में पुजारी पंडित बाबूलाल शर्मा बताते हैं कि भगवान राजराजेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना से राजयोग मिलता है. साथ ही कोर्ट कचहरी के मामले भी जल्द पक्ष में निस्तारण होते है. उन्होंने बताया कि यह मंदिर मराठाकालीन है. यहां माता पार्वती की भी प्राचीन प्रतिमा है.