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खास है प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर, नेपाल के लोग भी इसमें रखते हैं 'आस्था', जानिये इसका इतिहास - MAHASHIVRATRI 2025

महाशिवरात्रि पर वनखंडी महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखनो को मिली. मंदिर में नेपाल से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हुए हैं.

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वनखंडी महादेव मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ (photo- ETV Bharat)

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : Feb 26, 2025, 9:10 PM IST

खटीमा: आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है. इसी बीच हम आपको प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो टनकपुर हाइवे से मात्र आठ किलो मीटर दूर चकरपुर नामक स्थान पर स्थित है. मंदिर की मान्यता है कि यहां शिवलिंग रोहणी नक्षत्र में सात रंग बदलता है. हर महाशिवरात्रि पर मंदिर में विशाल मेले का आयोजन होता है. जिसमें उत्तर प्रदेश और पड़ोसी देश नेपाल से भी लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं.

प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर की मान्यता है कि कालांतर में खटीमा क्षेत्र में लगभग 600 सालों से निवास करने वाली थारू जनजाति समाज की गाय इस स्थान पर अपना दूध स्वयं विसर्जित करती थी. वहीं, जब ग्वालों ने गाय को अपना दूध रोजाना एक ही स्थान पर विसर्जित करते देखा, तो इस स्थान की जानकारी अन्य लोगों को दी. तब इस स्थान पर ही जमीन के नीचे शिवलिंग की खोज हुई. जिसे अब वनखंडी महादेव मंदिर के रूप में जाना जाता है. वनखंडी महादेव मंदिर में सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इस मंदिर का वर्णन कुमाऊं के इतिहास नामक प्रसिद्ध पुस्तक में भी वर्णित है.

खास है प्राचीन वनखंडी महादेव मंदिर (VIDEO-ETV Bharat)

एडवोकेट हरीश ढोंढियाल ने बताया कि वनखंडी महादेव प्राचीन मंदिरों में शुमार है. इस मंदिर की मान्यता है कि रोहणी नक्षत्र में इस मंदिर का शिवलिंग सात रंग बदलता है. साथ ही राज्य सरकार द्वारा इसे मंदिर माला योजना से भी जोड़ा जा रहा है.

वनखंडी महादेव मंदिर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अपार आस्था है. वो हर वर्ष महशिवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करते हैं. वर्तमान में मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में इस मंदिर को भव्य व दिव्य बनाने हेतु करोड़ों रुपए की लागत से मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया है. मंदिर के सौंदर्यकरण को लेकर बीते 3 वर्ष पहले ही मंदिर परिसर में 100 फीट से भी ऊंची भगवान भोलेनाथ की मूर्ति स्थापित की गई है, जो कि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है.

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