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बिहार में बाढ़ का स्थाई समाधान निकालेगा केंद्र, जल संसाधन मंत्री के साथ केंद्रीय कमेटी ने की बैठक - flood in Bihar - FLOOD IN BIHAR

Permanent Flood solution in Bihar : बिहार में बाढ़ की विनाशलीला हर साल देखने को मिलती है. बाढ़ के असर को बिहार में कैसे कम किया जाए इसे लेकर केंद्रीय कमेटी ने जल संसाधन मंत्री के साथ मिलकर बैठक की है. उनके साथ पूर्व जल संसाधन मंत्री और तमाम इंजीनियर भी मौजूद थे. बिहार में बाढ़ को रोकने के लिए स्थाई समाधान पर चर्चा हुई.

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बिहार में बाढ़ का स्थाई समाधान पर मीटिंग (Etv Bharat)

By ETV Bharat Bihar Team

Published : Jul 5, 2024, 11:00 PM IST

पटना: पूर्व जल संसाधन मंत्री और राज्यसभा के सांसद संजय झा की पहल पर बिहार में बाढ़ की समस्या का समाधान करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से बनाई गई कमेटी ने आज पटना में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ बैठक की. बैठक में राज्यसभा के सांसद संजय झा और बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र यादव भी मौजूद थे. बैठक में पूर्व अभियंताओं को भी आमंत्रित किया गया था.

बिहार में बाढ़ का स्थाई समाधान निकालते अफसर : केंद्रीय कमेटी ने अपने द्वारा किए जा रहे हैं कार्यों के संबंध में विस्तृत रूप से सभी को अवगत कराया. बैठक में बैराज, डैम निर्माण की संभावना, नदी जोड़ योजना और नदियों को डिसिल्टेशन किए जाने के बिंदुओं पर चर्चा हुई. केंद्रीय कमेटी सभी बिंदुओं पर चर्चा और जानकारी लेने के बाद अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगा.

बाढ़ के खतरे को कम करने पर मंथन : संजय झा की पहल पर केंद्रीय जल आयोग द्वारा पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. समिति में लोअर गंगा बेसिन ऑर्गेनाइजेशन (LGBO), पटना के मुख्य अभियंता अंबरीश नायक को-चेयरमैन, गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग (GFCC) के डायरेक्टर संजीव कुमार, केंद्रीय जल आयोग के तहत BCD के डायरेक्टर एस के शर्मा और जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के प्रतिनिधि को सदस्य, जबकि LGBO के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर को सदस्य सचिव बनाया गया है.

बार-बार क्यों डूबता है बिहार? : बता दें उत्तर बिहार नेपाल से आने वाली नदियों से आने वाले पानी से हर साल डूबता है. जबकि उसी समय दक्षिण बिहार सूखे की चपेट में होता है. इसलिए बिहार में बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए विचार मंथन किया गया है. इस बैठक में जो भी निष्कर्ष निकलेगा उसपर केंद्र अमल करेगा. आजादी के 70 साल बाद भी बिहार की ये दशा यहां के लोगों के लिए अच्छे संकेत नहीं है. उम्मीद है कि केंद्र अब कोई हल निकालेगा.

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