भरतपुर : केंद्रीय कारागृह सेवर में तैनात एक जेल प्रहरी पर बंदियों से अवैध वसूली और क्रूरतापूर्ण व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं. शिकायतकर्ताओं में एक आजीवन कारावास भुगत रहे बंदी का भाई और हाल ही में रिहा हुआ एक पूर्व बंदी शामिल है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. हालांकि, पूरे मामले को लेकर जेल प्रहरी ने कहा कि उस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं. उसने कभी किसी से पैसे नहीं मांगे. जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उन्हें वो जानता तक नहीं है.
प्रहरी के खिलाफ शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है. यदि वह दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया जाएगा. : परमजीत सिंह सिद्धू, जेल अधीक्षक
पहला मामला: 20 हजार रुपए मासिक वसूली का दबाव: ग्राम गढ़ी, तहसील रूपवास निवासी प्रदीप कुमार ने मानवाधिकार आयोग, गृह राज्य मंत्री, डीजीपी जेल, जेल अधीक्षक, जिला कलेक्टर और एसपी को शिकायत पत्र भेजा है. प्रदीप का आरोप है कि जेल प्रहरी उसके भाई कुलविंदर उर्फ कुल्लू से तलाशी के नाम पर अमानवीय व्यवहार करता है और 20 हजार रुपए मासिक वसूली की मांग करता है. पैसे न देने पर उसे झूठे नशे के आरोपों में फंसाने और जेल रिकॉर्ड खराब करने की धमकी दी जाती है. इसके अलावा, वह महंगे जूते और ट्रैक शूट जैसी वस्तुओं की मांग भी करता है.