मुंबई: कंगना रनौत की आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' को रिलीज से पहले मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. सिख समुदाय ने फिल्म का विरोध किया है और मांग की है कि इसके कुछ हिस्से हटा दिए जाएं. सिखों की नाराजगी के कारण फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने में भी देरी हुई है. इसलिए फिल्म की रिलीज की तारीख 6 सितंबर से आगे बढ़ा दी गई है. रिलीज डेट पोस्टपोन करने के बाद देश के लिरिक्ट और मशहूर कवि मनोज मुंतशिर ने कंगना रनौत और उनकी फिल्म इमरजेंसी को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कई बिंदुओं पर ध्यान दिया है.
2 सितंबर को मनोज मुंतशिर ने अपने ऑफिशियल एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया है. यह वीडियो 3 मिनट18 सेकंड का है. इसमें फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन, सिखो समुदाय की वीरता और इंदिरा गांधी की हत्या के बारे में जिक्र किया गया है. इस वीडियो को साझा करते हुए कवि ने कैप्शन में लिखा है, 'इमरजेंसी बनाम अभिव्यक्ति की आजादी!'.
वीडियो की शुरुआत में मनोज फिल्म के सर्टिफिकेशन की बात करते हैं. उसके बाद इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए कहते हैं, 'मुद्दा यह है कि फिल्म में इंदिरा गांधी की निर्मम हत्या को दिखाया गया है. क्या हमें यह मान लेना चाहिए कि उनकी मौत सड़क दुर्घटना में हुई थी? प्रॉब्लम ये है कि इंदिरा गांधी के हत्यारों को सिख दिखाया गया है, तो सतवंत सिंह और बेअंत सिंह, सिख नहीं थे?' लेखक ने आगे कहा, 'मैं यह मानने से इनकार करता हूं कि सिख, जो 'एक ओंकार सतनाम' के नारे के साथ सच्चाई के लिए निडरता से खड़े होते हैं, वे फिल्म में दिखाए गए सीन्स से डरते हैं'.