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पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाने के समर्थन में BJP, छात्र संगठन जता रहे विरोध - making Pithoragarh college a campus

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने पर सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठन विरोध जता रहे हैं. जबकि, बीजेपी कैंपस के पक्ष में नजर आ रही है.

Pithoragarh college a campus
पिथौरागढ़ महाविद्यालय
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Published : Jul 19, 2020, 8:04 PM IST

पिथौरागढ़: लक्ष्मण सिंह महर महाविद्यालय को कैंपस में तब्दील किए जाने के बाद सियासत गर्म हो गई है. अब बीजेपी का संगठन कैंपस के पक्ष में खुलकर सामने आ गया है. पार्टी के जिलाध्यक्ष बीरेंद्र वल्दिया का कहना है कि कैंपस बनने के बाद छात्रों के साथ ही शिक्षण और गैर शिक्षण कार्यों के कर्मचारियों के हितों को पूरा ख्याल रखा जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि कैंपस बनने का विरोध भाजपा विरोधी ताकतें कर रही हैं.

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने पर जिले के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठन विरोध जता रहे हैं और कैंपस की जगह यूनिवर्सिटी की मांग कर रहे हैं. संगठनों का कहना है कि महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने पर सीमित छात्रों को ही प्रवेश मिल पाएगा. जिससे सीमांत जिले के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पलायन को मजबूर होना पड़ेगा.

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाने के समर्थन में BJP.

ये भी पढ़ें: 'ब्लैक गोल्ड' की बढ़ रही 'चमक', जानिए कैसे तय होती हैं तेल की कीमतें

वहीं, भाजपा संगठन ने महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा दिए जाने के फैसले पर सरकार का आभार जताया है और स्वागत योग्य फैसला करार दिया है. भाजपा के जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह वल्दिया का कहना है कि पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने के बाद भाजपा विरोधी लोग भ्रम फैला रहे हैं.

वल्दिया ने कहा कि सरकार ने महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा देकर सीमांत जिले में उच्च शिक्षा को नया आयाम देने का काम किया है. कैंपस बनने से छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी. इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया है कि वर्तमान संख्या से 20 प्रतिशत से अधिक छात्रों को प्रवेश दिए जाएंगे.

पिथौरागढ़: लक्ष्मण सिंह महर महाविद्यालय को कैंपस में तब्दील किए जाने के बाद सियासत गर्म हो गई है. अब बीजेपी का संगठन कैंपस के पक्ष में खुलकर सामने आ गया है. पार्टी के जिलाध्यक्ष बीरेंद्र वल्दिया का कहना है कि कैंपस बनने के बाद छात्रों के साथ ही शिक्षण और गैर शिक्षण कार्यों के कर्मचारियों के हितों को पूरा ख्याल रखा जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि कैंपस बनने का विरोध भाजपा विरोधी ताकतें कर रही हैं.

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने पर जिले के विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और छात्र संगठन विरोध जता रहे हैं और कैंपस की जगह यूनिवर्सिटी की मांग कर रहे हैं. संगठनों का कहना है कि महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने पर सीमित छात्रों को ही प्रवेश मिल पाएगा. जिससे सीमांत जिले के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पलायन को मजबूर होना पड़ेगा.

पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस बनाने के समर्थन में BJP.

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वहीं, भाजपा संगठन ने महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा दिए जाने के फैसले पर सरकार का आभार जताया है और स्वागत योग्य फैसला करार दिया है. भाजपा के जिलाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह वल्दिया का कहना है कि पिथौरागढ़ महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा मिलने के बाद भाजपा विरोधी लोग भ्रम फैला रहे हैं.

वल्दिया ने कहा कि सरकार ने महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा देकर सीमांत जिले में उच्च शिक्षा को नया आयाम देने का काम किया है. कैंपस बनने से छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधाएं मिल सकेंगी. इसके साथ ही भाजपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया है कि वर्तमान संख्या से 20 प्रतिशत से अधिक छात्रों को प्रवेश दिए जाएंगे.

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