कोटद्वारः दुगड्डा नगर क्षेत्र में स्वच्छ भारत अभियान का जमकर माखौल उड़ाया जा रहा है. यहां से बहने वाली खोह नदी में नगर के कूड़े को डाला जा रहा है. जिससे नदी प्रदूषित हो रही है. इतना ही नहीं खोह नदी गंगा और राम गंगा की सहायक नदी होने के कारण इन नदियों में भी गंदगी पहुंच रही है. वहीं, मामले पर प्रशासन बेखबर बना हुआ है.
बता दें कि खोह नदी लैंसडौन वन प्रभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के पास से होकर बहती है. यह क्षेत्र जंगली जानवरों का कॉरीडोर क्षेत्र भी है. खोह नदी रामगंगा की सहायक नदी और रामगंगा गंगा की सहायक नदी है. कोटद्वार के कई इलाकों में इस नदी के पानी को पंपिंग से लिफ्ट कर पेयजल के रूप में प्रयोग किया जाता है, लेकिन दुगड्डा नगर पालिका द्वारा कूड़े को इस नदी में फेंका जा रहा है. जंगली जानवरों से लेकर लोग इस दूषित पानी पीने को मजबूर हैं.
स्थानीय निवासी महेश नेगी का कहना है कि सरकार गंगा और गंगा की सहायक नदियों को स्वच्छ करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यहां पर स्वछता अभियान महज हवाई साबित हो रही है. साथ ही कहा कि स्वछता अभियान के नाम पर जारी फंड की जांच होनी चाहिए. जो भी मामले में दोषी हो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
वहीं, मामले पर उप जिलाधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि नदी में कूड़ा डालने और पानी को दूषित करने का मामला मिलने पर उसका संज्ञान लिया जाएगा. साथ ही कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.