ETV Bharat / state

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले में तीसरी गिरफ्तारी, कोर्ट ने दिनेशानंद भारती को भेजा जेल - कोर्ट ने दिनेशानंद भारती को भेजा जेल

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले (Haridwar Dharma Sansad hate speech case) में हरिद्वार पुलिस ने दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज को गिरफ्तार किया है. हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दिनेशानंद भारती को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

Haridwar Dharma Sansad
हरिद्वार धर्म संसद
author img

By

Published : Apr 27, 2022, 5:46 PM IST

Updated : Apr 27, 2022, 9:49 PM IST

हरिद्वार: हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आई हरिद्वार पुलिस ने मामले में तीसरी गिरफ्तारी की है. हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले में हरिद्वार पुलिस ने दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज को गिरफ्तार किया है. हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दिनेशानंद भारती को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

बता दें कि, 26 अप्रैल को सुनवाई के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल में आयोजित धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषणों के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों की सरकारों को फटकार लगाई थी और दोनों सरकारों से 9 मई तक जवाब मांगा है.

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले में तीसरी गिरफ्तारी.

हेट स्पीच मामले में तीसरी गिरफ्तारी: काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज को धर्मनगरी हरिद्वार धर्म संसद में हेट स्पीच मामले (Haridwar Dharma Sansad hate speech case) में हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इससे पहले 13 जनवरी की 2022 को हरिद्वार पुलिस जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी कर चुकी है. वहीं, 15 जनवरी 2022 को पुलिस ने स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि को गिरफ्तार किया था. हालांकि, इस मामले में यति नरसिंहानंद गिरि को जमानत मिल गई है. लेकिन, जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी अभी भी जेल में बंद हैं.

पढ़ें: धर्म संसद: भड़काऊ भाषण पर उत्तराखंड और हिमाचल सरकार को SC की फटकार, 9 मई तक मांगा जवाब

ये है पूरा मामलाः हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर के बीच धर्म संसद का आयोजन किया गया था, जिसमें एक विशेष समुदाय के खिलाफ कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक बयान दिए गए थे. ये बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे, जिसके बाद इन वायरल वीडियो के आधार पर कई लोगों ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ 23 दिसंबर को हरिद्वार शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था.

वहीं, इसी वीडियो के आधार पर हरिद्वार के ज्वालापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले नदीम ने वसीम रिजवी के खिलाफ हरिद्वार शहर कोतवाली में तहरीर दी थी, जिसके आधार पुलिस ने वसीम रिजवी के खिलाफ IPC की धारा 153ए, 298 में मुकदमा दर्ज किया था. इसके बाद विवेचक ने इन मुकदमे में संत धर्मदास, साध्वी अन्नपूर्णा भारती, स्वामी यति नरसिंहानंद व सागर सिंधु महाराज के नाम बढ़ाए थे. मामले की जांच एसआईटी कर रही है. अभी तक नरसिंहानंद पर 5 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. वसीम रिजवी, यति नरसिंहानंद गिरि और दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज गिरफ्तार भी हो चुके हैं.

यति नरसिम्हानंद समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR: उन्होंने बताया था कि इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है जिनमें वसीम रिजवी, जिन्होंने पिछले महीने हिंदू धर्म अपनाने के बाद जितेंद्र नरायण त्यागी नाम रख लिया है, साधवी अन्नपूर्णा धर्मदास, संत सिंधु सागर और धर्म संसद के आयोजक और गाजियाबाद के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद गिरि शामिल हैं.

हरिद्वार: हरिद्वार में हुई धर्म संसद के दौरान हेट स्पीच पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आई हरिद्वार पुलिस ने मामले में तीसरी गिरफ्तारी की है. हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले में हरिद्वार पुलिस ने दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज को गिरफ्तार किया है. हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद दिनेशानंद भारती को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

बता दें कि, 26 अप्रैल को सुनवाई के दौरान उत्तराखंड और हिमाचल में आयोजित धर्म संसद के दौरान दिए गए भड़काऊ भाषणों के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों की सरकारों को फटकार लगाई थी और दोनों सरकारों से 9 मई तक जवाब मांगा है.

हरिद्वार धर्म संसद हेट स्पीच मामले में तीसरी गिरफ्तारी.

हेट स्पीच मामले में तीसरी गिरफ्तारी: काली सेना के राज्य संयोजक स्वामी दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज को धर्मनगरी हरिद्वार धर्म संसद में हेट स्पीच मामले (Haridwar Dharma Sansad hate speech case) में हरिद्वार पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इससे पहले 13 जनवरी की 2022 को हरिद्वार पुलिस जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी की गिरफ्तारी कर चुकी है. वहीं, 15 जनवरी 2022 को पुलिस ने स्वामी यति नरसिंहानंद गिरि को गिरफ्तार किया था. हालांकि, इस मामले में यति नरसिंहानंद गिरि को जमानत मिल गई है. लेकिन, जितेंद्र नारायण त्यागी उर्फ वसीम रिजवी अभी भी जेल में बंद हैं.

पढ़ें: धर्म संसद: भड़काऊ भाषण पर उत्तराखंड और हिमाचल सरकार को SC की फटकार, 9 मई तक मांगा जवाब

ये है पूरा मामलाः हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर के बीच धर्म संसद का आयोजन किया गया था, जिसमें एक विशेष समुदाय के खिलाफ कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक बयान दिए गए थे. ये बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए थे, जिसके बाद इन वायरल वीडियो के आधार पर कई लोगों ने शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ 23 दिसंबर को हरिद्वार शहर कोतवाली में मामला दर्ज कराया था.

वहीं, इसी वीडियो के आधार पर हरिद्वार के ज्वालापुर थाना क्षेत्र के रहने वाले नदीम ने वसीम रिजवी के खिलाफ हरिद्वार शहर कोतवाली में तहरीर दी थी, जिसके आधार पुलिस ने वसीम रिजवी के खिलाफ IPC की धारा 153ए, 298 में मुकदमा दर्ज किया था. इसके बाद विवेचक ने इन मुकदमे में संत धर्मदास, साध्वी अन्नपूर्णा भारती, स्वामी यति नरसिंहानंद व सागर सिंधु महाराज के नाम बढ़ाए थे. मामले की जांच एसआईटी कर रही है. अभी तक नरसिंहानंद पर 5 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. वसीम रिजवी, यति नरसिंहानंद गिरि और दिनेशानंद भारती उर्फ सागर सिंधु महाराज गिरफ्तार भी हो चुके हैं.

यति नरसिम्हानंद समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR: उन्होंने बताया था कि इस मामले में 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है जिनमें वसीम रिजवी, जिन्होंने पिछले महीने हिंदू धर्म अपनाने के बाद जितेंद्र नरायण त्यागी नाम रख लिया है, साधवी अन्नपूर्णा धर्मदास, संत सिंधु सागर और धर्म संसद के आयोजक और गाजियाबाद के डासना मंदिर के मुख्य पुजारी यति नरसिंहानंद गिरि शामिल हैं.

Last Updated : Apr 27, 2022, 9:49 PM IST
ETV Bharat Logo

Copyright © 2025 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.