ऋषिकेश: उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2023 की तैयारियों में सभी विभाग जुटे हुए हैं. सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर काम में जुटे हुए हैं. परिवहन विभाग ने भी यातायात व्यवस्था और बसों के अरेंजमेंट को लेकर कमर कस ली है. शनिवार 25 मार्च को आरटीओ देहरादून सुनील शर्मा ने ऋषिकेश में ट्रेवल्स व्यापारियों के साथ बैठक की. बैठक में उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं, जिसमें एक बिंदु को छोड़कर परिवहन व्यवसाई संतुष्ट नजर आ रहे हैं.
आरटीओ देहरादून सुनील शर्मा ने चारधाम यात्रा संचालित करने वाली परिवहन संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. यात्रा को लेकर गहन विचार विमर्श करने के बाद आरटीओ ने जल्द रोटेशन गठन करने के निर्देश दिए. प्रतिनिधियों ने दो अप्रैल को बैठक कर रोटेशन गठन करने का भरोसा आरटीओ को दिया.
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इस दौरान आरटीओ सुनील शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बसों के किराए को लेकर इस बार ओवर रेटिंग नहीं हो सकेगी. परिवहन विभाग ने बिना लाइसेंस के एजेंट का काम करने और ओवर रेटिंग का खेल खेलने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर मुकदमे दर्ज करने का प्लान बनाया है. निगरानी रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड टीम का गठन करने का निर्णय लिया है.
आरटीओ ने बताया कि इस बार चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को आरामदायक और लग्जरी बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी. फिलहाल 1350 बसों का बेड़ा चारधाम यात्रा पर जाने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा 150 बसों की अतिरिक्त व्यवस्था भी गई है. कुल 1500 बसें यात्रा के लिए तैयार रहेगी. जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों से भी बसों की व्यवस्था की जाएगी.
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उन्होंने बताया कि व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए एक स्टेटस टीम कैमरे के साथ ऋषिकेश में एक्टिव रहेगी, जबकि एक टीम व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी. सभी वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस लगानी अनिवार्य रहेगी. इसको लगाने में किसी भी प्रकार का समय खर्च नहीं होगा. यातायात समिति के अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने बताया कि बैठक सकारात्मक रही है. मगर ट्रैकिंग डिवाइस के पक्ष में परिवहन कारोबारी नहीं है. दो अप्रैल को सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने रोटेशन गठन करने का निर्णय लिया है.