अल्मोड़ा: बीते दिनों दिल दहला देने वाले एक घटनाक्रम में दलित नेता जगदीश चंद्र की बेरहमी से की गई हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है. जगदीश को ऊंची जाति की युवती से प्रेम विवाह करने की सजा दी गई (Jagdish Chandra murder case Almora) थी. मौत भी ऐसी कि शव की हालत देखकर किसी का भी कलेजा कांप जाए. हालांकि, इस मामले में पुलिस ने तीनों आरोपियों को तभी गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन अब मुआवजे को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है. पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा (Congress leader Pradeep Tamta) ने इस मामले पर फिर से सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा का कहना है कि, इस घटना को हुए सात दिन से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन धामी सरकार ने अभीतक पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की कोई घोषणा नहीं की है. इस मामले पर उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी (CM Pushkar Singh Dhami) की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए.
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टम्टा ने कहा कि पिछले कुछ समय से उत्तराखंड में दलितों के उत्पीड़न की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं. एक ओर देश अमृतकाल में है, दूसरी ओर अल्मोड़ा में जगदीश की नृशंस हत्या ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. सरकार पर निशाना साधते हुए टम्टा ने कहा कि सीएम धामी सल्ट क्षेत्र में आने के बाद भी जगदीश की हत्या मामले में दो शब्द नहीं बोले. इसके लिए सीएम को दलित वर्ग व पीड़ित परिवार से माफी मांगी चाहिए. साथ ही उन्होंने मामले की पूरी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने, पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की व्यवस्था करने व परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है.
क्या है मामला: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके सल्ट के पनुवाधौखन निवासी जगदीश चंद्र (पुत्र केश राम) और भिकियासैंण निवासी गीता उर्फ गुड्डी ने बीते 21 अगस्त को गैराड़ मंदिर में प्रेम विवाह किया था. शादी से पहले गुड्डी अपने सौतेले पिता जोगा सिंह और सौतेले भाई गोविंद सिंह के साथ रहती थी. एक दलित से शादी करना उसके सौतेले भाई और पिता को रास नहीं आया और दोनों ने मिलकर जगदीश की बेरहमी से हत्या कर दी.
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कैसे की गई हत्या: जगदीश चंद्र की अपहरण की सूचना पर पुलिस ने छानबीन शुरू की. पुलिस को रात दस बजे के करीब सिनार मोटर मार्ग के पास खड़ी एक कार में गीता की मां, सौतेले पिता और भाई बैठे मिले. छानबीन पर उसी कार में जगदीश का शव भी बरामद हुआ था. उसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया. इन तीनों ने जगदीश की हत्या करने की बात कबूल की थी. उन्होंने पुलिस को बताया था कि, बीती 1 सितंबर को उन्होंने जगदीश को भिकियासैंण में पकड़ लिया था. उसके बाद वो लोग जगदीश चंद्र को एक गाड़ी से अपहरण कर ले गए और उसे सीलापानी के एक कमरे में अधमरा कर छिपा दिया था. फिर वो गीता को ढूंढ़ते अल्मोड़ा पहुंचे. वो गीता की भी हत्या करना चाहते थे. जब गीता उनके हाथ नहीं लगी तो देर शाम तीनों वापस सीलापानी पहुंचे. इसके बाद जगदीश को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई. फिर शव को ठिकाने लगाने के लिए रात का इंतजार करते रहे. रात होते ही वो शव को वैन में रख ठिकाने लगाने के लिए भटकते रहे, इस दौरान उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया था.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के बाहरी शरीर में 2 दर्जन से अधिक गंभीर चोटें पाई गईं. यही नहीं, उसके छाती, जबड़े व बाएं हाथ की कलाई व दोनों ऐड़ी की हड्डियां, नाक की हड्डी तक तोड़ डाली गई. जगदीश के पूरे शरीर पर 25 से 27 गंभीर बाहरी चोटें मिली हैं. सिर पर भी काफी चोट पहुंचाई गई थी.