गाजियाबाद: रामपुर के बिलासपुर तहसील के डिबडिबा गांव निवासी युवा किसान नवरीत सिंह की 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च के दौरान ट्रैक्टर पलटने से मौत हो गई थी. नवनीत सिंह की मौत से किसानों में सरकार के प्रति काफी आक्रोश है. मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस की गोली लगने से नवरीत सिंह की मौत हुई है.
100 गाड़ियों का जत्था गाजीपुर बॉर्डर पहुंचा
शनिवार को मृतक नवरीत सिंह के दादा हरदीप सिंह लगभग 100 गाड़ियों के जत्थे के साथ गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे. इस यात्रा को विशाल इंसाफ यात्रा नाम दिया गया. किसान नेता राकेश टिकैत, बलवीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, जगतार सिंह बाजवा आदि ने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे किसानों के जत्थे का स्वागत किया. किसानों ने नवरीत सिंह को मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी.
किसान नेता बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि नवरीत सिंह ऑस्ट्रेलिया से घर की खुशी में शामिल होने आए थे. दुर्भाग्यवश वे इस आंदोलन में शामिल हुए और अपनी शहादत दे दी. अफसोस की बात है कि किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों का भारत सरकार को कोई एहसास नहीं है. नवरीत के दादा हरदीप सिंह ने कहा कि पूरे इलाके के जो किसान समर्थक, धार्मिक, राजनीतिक और सामाजिक संस्थाएं हैं, सब मिलकर एक इंसाफ मार्च लेकर गाजीपुर बॉर्डर आए हैं. हम इंसाफ चाहते हैं. उसके लिए हमने दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया है. वहां हमारी एप्लीकेशन स्वीकार कर ली गई है. दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार से 26 फरवरी तक जवाब मांगा गया है.