ETV Bharat / state

25 करोड़ जीएसटी घोटाले में दो भाई गिरफ्तार, कई शहरों में बनाई थी कंपनी

कई शहरों में फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को 25 करोड़ का चूना लगाने वाले मुरादाबाद निवासी दो भाइयों को केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर की मेरठ टीम ने गिरफ्तार किया है. उनके खिलाफ प्रमाण जुटाने के लिए 24 घंटे में ताबड़तोड़ 13 स्थानों पर छापा मारा था.

author img

By

Published : Jan 16, 2021, 9:45 PM IST

जानकारी देते अधिकारी.
जानकारी देते अधिकारी.

मेरठ: जिले में सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) मेरठ की टीम ने जीएसटी घोटाले का बड़ा खुलासा किया है. फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को 25 करोड़ का चूना लगाने वाले मुरादाबाद निवासी दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया. इतना ही नहीं, आरोपियों की घेराबंदी कर उनके खिलाफ प्रमाण जुटाने के लिए टीम ने 24 घंटे में ताबड़तोड़ 13 स्थानों पर छापेमारी की.

जानकारी देते अधिकारी.

कागजों में चला रखी थीं कंपनियां
मुरादाबाद की फर्म डीएम एंड संस की प्रोपराइटर श्वेता अग्रवाल और दूसरे फर्म वेव एग्रो ऑयल के मालिक अर्चित अग्रवाल की फर्म में जीएसटी के फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था. अर्चित अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल के पति अंशुल अग्रवाल सगे भाई हैं, जो दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में कागजी कंपनी चला रहे थे. धरातल पर उनकी इन कंपनियों में कोई काम नहीं हो रहा था.

बिना खरीद फरोख्त के जीएसटी धांधली
इनकी कंपनी में किसी तरह के माल की खरीद फरोख्त नहीं होती थी. बावजूद इसके इनकी कंपनी इनवॉइस जारी करती है. इस बात की भनक जीएसटी विभाग को लगी तो मेरठ सीजीएसटी आयुक्त को इनपुट जारी किया गया. इसके बाद दिल्ली में पांच, लुधियाना में एक, कुरुक्षेत्र में दो और मुरादाबाद में 5 स्थानों पर छापेमारी की गई.

दोनों सगे भाई गिरफ्तार
सीजीएसटी आयुक्त सतेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों ने 20 कंपनियां अलग-अलग जगह बना रखी थीं. जिनका संचालन मुरादाबाद मुख्यालय से किया जा रहा था. कंपनियों की ओर से जारी इनवॉयस और बैंक खातों की जांच के बाद दोनों भाइयों समेत उनके अकाउंटेंट से पूछताछ की गई. मौके से मिले कंप्यूटर के रिकॉर्ड की जांच की गई. इसके अलावा आरोपियों के घर से 14 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. दोनों भाइयों ने फर्जी इनवॉइस जारी करने की बात स्वीकार कर ली है. दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

मेरठ: जिले में सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) मेरठ की टीम ने जीएसटी घोटाले का बड़ा खुलासा किया है. फर्जी कंपनियां बनाकर सरकार को 25 करोड़ का चूना लगाने वाले मुरादाबाद निवासी दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया. इतना ही नहीं, आरोपियों की घेराबंदी कर उनके खिलाफ प्रमाण जुटाने के लिए टीम ने 24 घंटे में ताबड़तोड़ 13 स्थानों पर छापेमारी की.

जानकारी देते अधिकारी.

कागजों में चला रखी थीं कंपनियां
मुरादाबाद की फर्म डीएम एंड संस की प्रोपराइटर श्वेता अग्रवाल और दूसरे फर्म वेव एग्रो ऑयल के मालिक अर्चित अग्रवाल की फर्म में जीएसटी के फर्जीवाड़े का खेल चल रहा था. अर्चित अग्रवाल और श्वेता अग्रवाल के पति अंशुल अग्रवाल सगे भाई हैं, जो दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों में कागजी कंपनी चला रहे थे. धरातल पर उनकी इन कंपनियों में कोई काम नहीं हो रहा था.

बिना खरीद फरोख्त के जीएसटी धांधली
इनकी कंपनी में किसी तरह के माल की खरीद फरोख्त नहीं होती थी. बावजूद इसके इनकी कंपनी इनवॉइस जारी करती है. इस बात की भनक जीएसटी विभाग को लगी तो मेरठ सीजीएसटी आयुक्त को इनपुट जारी किया गया. इसके बाद दिल्ली में पांच, लुधियाना में एक, कुरुक्षेत्र में दो और मुरादाबाद में 5 स्थानों पर छापेमारी की गई.

दोनों सगे भाई गिरफ्तार
सीजीएसटी आयुक्त सतेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों ने 20 कंपनियां अलग-अलग जगह बना रखी थीं. जिनका संचालन मुरादाबाद मुख्यालय से किया जा रहा था. कंपनियों की ओर से जारी इनवॉयस और बैंक खातों की जांच के बाद दोनों भाइयों समेत उनके अकाउंटेंट से पूछताछ की गई. मौके से मिले कंप्यूटर के रिकॉर्ड की जांच की गई. इसके अलावा आरोपियों के घर से 14 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. दोनों भाइयों ने फर्जी इनवॉइस जारी करने की बात स्वीकार कर ली है. दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

ETV Bharat Logo

Copyright © 2024 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.