लखनऊ : विधानसभा सत्र के दौरान गुरुवार को विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना की देखने को मिली. हंगामे के कारण वे सदन छोड़कर चले गए. विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि विपक्षी के सदस्य कह रहे हैं कि उनको बोलने का अवसर नहीं मिल रहा. अगर ऐसा है तो मैं चला जाता हूं. सदन 30 मिनट के लिए स्थगित किया गया. बाद में जब सदन का आगाज हुआ तो सतीश महाना दोबारा आ गए.
सतीश महाना आमतौर से विपक्ष के सदस्यों को बराबरी से बोलने का मौका देते रहते हैं. बेवजह बोलने की डेट आने के भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को भी डपट देते हैं. ऐसे में जब समाजवादी पार्टी के विधायकों ने उन पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष को सुन ही नहीं रहे हैं तो उनको इस बात पर गुस्सा आ गया. इसी गुस्से की वजह से उन्होंने कहा कि अगर मैं आप लोगों को नहीं सुन रहा हूं तो अपने से ही कोई आ जाए और अधिष्ठाता बनकर सदस्यों की बात सुन ले. मैं सदन छोड़कर चला जाता हूं. यह कहने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे विसर्जन छोड़कर चले गए और उसके करीब 20 मिनट तक विधानसभा स्थगित रही.
सीएम योगी और अखिलेश यादव सदन के अंतिम दिन बोलेंगे : विधानसभा अध्यक्ष के सदन को स्थगित करने के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन में नहीं थे. हालांकि थोड़ी देर पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सदन में आ गए थे. उम्मीद की जा रही थी कि अखिलेश यादव अपना वक्तव्य आज देंगे, मगर सदन स्थगित होने के बाद अखिलेश यादव भी चले गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जो कि नेता प्रतिपक्ष भी हैं वह शुक्रवार को विधानसभा सत्र के आखिरी दिन बोलेंगे. पहले सदन में हुई चर्चा पर अखिलेश यादव अपना वक्तव्य देंगे. उनके वक्तव्य का जवाब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने संबोधन के जरिए देंगे.