आरएलडी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका. लखनऊ : तीन दिन पहले हुई कानपुर देहात की हृदय विदारक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. हर तरफ इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है. सरकार से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही है. पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग हो रही है. तमाम राजनीतिक दलों के नेता सांत्वना व्यक्त करने पीड़ित परिवार के पास पहुंचना चाहते हैं, लेकिन उन्हें वहां पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया जा रहा है. गुरुवार को कानपुर देहात के मंडौली गांव जा रहे राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधि मंडल को उन्नाव में रोक कर गिरफ्तार कर लिया गया.
आरएलडी के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका. राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा है कि सरकार मंडौली की सच्चाई जनता से छुपाना चाहती है. उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया. राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि मंडौली घटना की अमानवीयता, बेरहमी और क्रूरता को देश देख रहा है. कानपुर में मां-बेटी जलकर मर गए. यह रूह को कंपा देने वाली घटना है. सरकार और प्रशासन दोनों ही इन मौतों के जिम्मेदार हैं. देश में बुलडोजर परंपरा ने संविधान को भी ताक पर रख दिया है. प्रतिनिधि मंडल में राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष रामाशीष राय, राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे सहित दर्जनों नेता शामिल थे.गौरतलब है कि कानपुर देहात की इस घटना के बाद लगातार योगी सरकार की बुलडोजर नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं. विभिन्न दलों के नेता इस पर प्रहार कर रहे हैं. कानपुर देहात में एक गरीब ब्राह्मण परिवार की झोपड़ी हटाने गए अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, लापरवाही बरती गई. इससे एक मां बेटी की झोपड़ी के अंदर ही जलकर मौत हो गई. बहरहाल मुख्यमंत्री के आदेश पर गठित एसआईटी ने जांच शुरू कर दी है. एसआईटी का दावा है कि एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी जाएगी.
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