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बिजली विभाग का 28 करोड़ डकार गए अफसर, PF घोटाले के बाद सामने आया बिलिंग घोटाला - देवरिया से बिलिंग का बड़ा घोटाला

पावर कॉरपोरेशन में पीएफ घोटाले के बाद अब बिलिंग घोटाला भी सामने आया है. उत्तर प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं से बिजली बिल का पैसा तो ले लिया गया, लेकिन अफसरों ने वह पैसा बैंकों में जमा ही नहीं किया.

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Published : Apr 11, 2022, 1:36 PM IST

लखनऊ: बिजली विभाग के घोटालों की फेहरिस्त में एक और घोटाला शामिल हो गया है. यह घोटाला है बिलिंग घोटाला. पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल तो वसूला लेकिन विभाग के खाते में रुपये जमा ही नहीं किए. महोबा, देवरिया समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तकरीबन 28 करोड़ का बिलिंग घोटाला अभी तक सामने आया है. अब पावर कॉरपोरेशन के उच्च प्रबंधन की तरफ से स्पेशल जांच टीम से सभी डिविजनों में बिलिंग घोटाले को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इससे पहले बिजली विभाग में पीएफ का बड़ा घोटाला हुआ था, जिसमें तत्कालीन पावर कॉरपोरेशन एमडी एपी मिश्रा जेल की सलाखों के पीछे हैं.

प्रदेश के महोबा और देवरिया से बिलिंग का बड़ा घोटाला सामने आया है. महोबा में तकरीबन 22 करोड़ का खेल अभी तक पकड़ में आ चुका है. इसमें लाखों उपभोक्ताओं से बिल की रकम तो वसूली गई. लेकिन विभाग के खाते तक रकम नहीं पहुंची सकी. पावर कॉरपोरेशन ने इन जिलों में घोटाले पकड़ में आने के बाद अब 36 डिवीजनों में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. पावर कॉरपोरेशन इस तरह की गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए अब ऑडिट करा रहा है. अभी तक प्रारंभिक रिपोर्ट में बिलिंग ऑडिट टीम ने 22 करोड़ रुपये का घपला पकड़ा है. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है.

इसे भी पढ़ें - महंगाई की मार से 1.86 करोड़ बच्चों की थाली हुई बेस्वाद, जानिए क्यों

दस्तावेज ही कर दिए गायब: देवरिया में हुए बिलिंग घोटाले में अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के 1500 से ज्यादा बिल सुधार के दस्तावेज ही गायब कर दिए हैं. अब ये दस्तावेज खोजें मिल ही नहीं रहे हैं. इसमें भी समायोजन किस नियमावली के आधार पर किया गया है, इसका कोई साक्ष्य संबंधित अधिकारी जांच टीम को दे ही नहीं पा रहे हैं. ऑडिट टीम की तरफ से एक रिपोर्ट पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज को भेजी गई है. देवरिया के इस बिलिंग सुधार वाले खेल में विभाग को तकरीबन 6 करोड़ से ज्यादा का नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है.

इन जिलों की जांच करेगी स्पेशल ऑडिट टीम: पावर कॉरपोरेशन की तरफ से जो स्पेशल ऑडिट टीम गठित की गई है, उसने कई डिवीजनों में ऑडिट करने का स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. इसमें करीब तीन दर्जन से अधिक डिवीजन शामिल हैं. जिनमें देवरिया, महोबा, गाजियाबाद, अलीगढ़, उरई, मथुरा और नोएडा विशेष तौर पर शामिल हैं.

इस मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि देवरिया और महोबा में बिलिंग से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी. इसके बाद ऑडिट टीम से पूरे मामले की जांच शुरू कराई गई है. प्रारंभिक रिपोर्ट में देवरिया और महोबा में इस तरह की गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है. अब अन्य डिवीजनों में भी स्पेशल टीम जांच करेगी. पूरी रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा.

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लखनऊ: बिजली विभाग के घोटालों की फेहरिस्त में एक और घोटाला शामिल हो गया है. यह घोटाला है बिलिंग घोटाला. पावर कॉरपोरेशन के अफसरों ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल तो वसूला लेकिन विभाग के खाते में रुपये जमा ही नहीं किए. महोबा, देवरिया समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तकरीबन 28 करोड़ का बिलिंग घोटाला अभी तक सामने आया है. अब पावर कॉरपोरेशन के उच्च प्रबंधन की तरफ से स्पेशल जांच टीम से सभी डिविजनों में बिलिंग घोटाले को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इससे पहले बिजली विभाग में पीएफ का बड़ा घोटाला हुआ था, जिसमें तत्कालीन पावर कॉरपोरेशन एमडी एपी मिश्रा जेल की सलाखों के पीछे हैं.

प्रदेश के महोबा और देवरिया से बिलिंग का बड़ा घोटाला सामने आया है. महोबा में तकरीबन 22 करोड़ का खेल अभी तक पकड़ में आ चुका है. इसमें लाखों उपभोक्ताओं से बिल की रकम तो वसूली गई. लेकिन विभाग के खाते तक रकम नहीं पहुंची सकी. पावर कॉरपोरेशन ने इन जिलों में घोटाले पकड़ में आने के बाद अब 36 डिवीजनों में जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. पावर कॉरपोरेशन इस तरह की गड़बड़ियों का पता लगाने के लिए अब ऑडिट करा रहा है. अभी तक प्रारंभिक रिपोर्ट में बिलिंग ऑडिट टीम ने 22 करोड़ रुपये का घपला पकड़ा है. बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है.

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दस्तावेज ही कर दिए गायब: देवरिया में हुए बिलिंग घोटाले में अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के 1500 से ज्यादा बिल सुधार के दस्तावेज ही गायब कर दिए हैं. अब ये दस्तावेज खोजें मिल ही नहीं रहे हैं. इसमें भी समायोजन किस नियमावली के आधार पर किया गया है, इसका कोई साक्ष्य संबंधित अधिकारी जांच टीम को दे ही नहीं पा रहे हैं. ऑडिट टीम की तरफ से एक रिपोर्ट पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज को भेजी गई है. देवरिया के इस बिलिंग सुधार वाले खेल में विभाग को तकरीबन 6 करोड़ से ज्यादा का नुकसान का अंदाजा लगाया जा रहा है.

इन जिलों की जांच करेगी स्पेशल ऑडिट टीम: पावर कॉरपोरेशन की तरफ से जो स्पेशल ऑडिट टीम गठित की गई है, उसने कई डिवीजनों में ऑडिट करने का स्ट्रक्चर तैयार किया गया है. इसमें करीब तीन दर्जन से अधिक डिवीजन शामिल हैं. जिनमें देवरिया, महोबा, गाजियाबाद, अलीगढ़, उरई, मथुरा और नोएडा विशेष तौर पर शामिल हैं.

इस मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि देवरिया और महोबा में बिलिंग से जुड़ी गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी. इसके बाद ऑडिट टीम से पूरे मामले की जांच शुरू कराई गई है. प्रारंभिक रिपोर्ट में देवरिया और महोबा में इस तरह की गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है. अब अन्य डिवीजनों में भी स्पेशल टीम जांच करेगी. पूरी रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा.

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