कुशीनगर: अधिवक्ता संगठनों के विरोध के चलते बीते 8 जून को सीएमओ की तरफ से मेडिको लीगल को लेकर जारी आदेश वापस ले लिया गया है. सीएमओ ने इसके लिए गुरुवार को एक पत्र जारी किया है. अधिवक्ता संगठनों की तरफ से कार्य बहिष्कार के बाद सीमओ ने यह आदेश वापस लिया है. इसकी एक प्रति सीमओ ने बार एसोसिएशन को भी भेज दिया है.
बता दें कि 8 जून को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुरेश पटारिया ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को एक पत्र जारी किया था. इस पत्र में आदेश दिए गए थे कि किसी भी चोटिल व्यक्ति का मेडिको लीगल तब तक नहीं किया जाए जब तक उस क्षेत्र के थानाध्यक्ष की संस्तुति न मिल जाए. इस आदेश के जारी होते ही कसया और रविंद्रनगर न्यायालयों से जुड़े अधिवक्ता संगठनों ने विरोध जताया. इस आदेश को उन्होंने तुगलकी फरमान बताते हुए लगातार कई दिनों तक कार्य बहिष्कार कर दिया. जिसके बाद सीएमओ को बैकफुट पर आना पड़ा और उन्होंने अपना आदेश वापस ले लिया.
![etv bharat](https://etvbharatimages.akamaized.net/etvbharat/prod-images/up-kus-cmo-ne-tuglki-framan-liya-waps-vis-10128_16062022172846_1606f_1655380726_40.jpg)
यह भी पढ़ें- देवबंद में उपजिलाधिकारी के प्रति वकीलों का आक्रोश, कार्य बहिष्कार
जिला बार एसोसिएशन के मंत्री प्रवीण कुमार दुबे ने बताया कि उस आदेश से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता और आम पीड़ित लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती. इसके चलते उन्होंने आदेश को वापस लेने की मांग की. इसको लेकर उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन भी दिया था. इसके विरोध में कार्य बहिष्कार भी किया गया. इसी बीच सीएमओ ने आदेश को वापस लेने का पत्र बार को भेजा है, जिसके बाद बार ने कार्य बहिष्कार को वापस ले लिया है.
![etv bharat](https://etvbharatimages.akamaized.net/etvbharat/prod-images/up-kus-cmo-ne-tuglki-framan-liya-waps-vis-10128_16062022172846_1606f_1655380726_685.jpg)
ऐसी ही जरूरी और विश्वसनीय खबरों के लिए डाउनलोड करें ईटीवी भारत ऐप