जालौन: उरई में मानक विहीन चलने वाले लाइफ लाइन नर्सिंग होम पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जिलाधिकारी के आदेश पर लाइफ लाइन नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया. जिलाधिकारी ने इसका संचालन करने वाले बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी) चिकित्सक और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर के आदेश दे दिए हैं. इसके अलावा मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्पना बरतारिया से डीएम ने स्पष्टीकरण भी मांगा है कि आखिर किस आधार पर इस नर्सिंग होम को लाइसेंस जारी किया गया था.
वहीं फायर एनओसी भी मौके पर नहीं मिली, जिसके चलते अधिकारियों ने नर्सिंग होम की जांच करने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी. डॉक्टर सुरेश चौधरी की डिग्री की जांच की रिपोर्ट भेजी है, जोकि सर्जरी के लिए अमान्य है. जिलाधिकारी के पास जब रिपोर्ट पहुंची तो इस मामले में तत्काल कार्रवाई का दौर शुरू हो गया और लाइफ लाइन नर्सिंग होम का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया. साथ ही मामले की जांच भी अतिरिक्त मजिस्ट्रेट से शुरू करवा दी गई है.
लाइसेंस को देने वाली सीएमओ डॉ. तारिया से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. जब मानक पूरे नहीं थे तो किस आधार पर इस लाइफ लाइन नर्सिंग होम को लाइसेंस दे दिया गया. वहीं अस्पताल का संचालन करने वाले चिकित्सक डॉक्टर सुरेश चौधरी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए हैं.
जब तक मामले की जांच की जा रही है, तब तक अस्पताल बंद रहेगा और प्रशासन इसकी निगरानी करेगा.
-डॉ. मन्नान अख्तर, जिलाधिकारी