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एटा: दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास

उत्तर प्रदेश के एटा में 2017 में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. वहीं, सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.

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Published : Nov 3, 2019, 1:59 PM IST

दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास

एटा: जिले में साल 2017 में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं, आरोपी के माता-पिता को दोषमुक्त करार दिया है.

दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास.
क्या है पूरा मामला
  • मामला मिरहची थाना क्षेत्र का है.
  • वर्ष 2015 में कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के निवासी जमुना प्रसाद ने पुत्री संगीता की शादी की थी.
  • शादी मिरहची थाना क्षेत्र के हिम्मतनगर बझेड़ा गांव के निवासी गजराज के पुत्र सुनील के साथ की थी.
  • जमुना प्रसाद का आरोप था कि संगीता के पति सुनील और ससुराली जनों ने दहेज के लिए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी.
  • इस मुकदमे में मृतका के पति सुनील, ससुर गजराज और सास निर्मला के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया.
  • विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर न्यायालय कुमार गौरव ने आरोपित पति सुनील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
  • आरोपी सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया है.
  • शासन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने की थी.

यह भी पढ़ें: पड़ोसी के ट्वीट के बाद गरीबी के शिकार परिवार को मिला अनाज

2017 के दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. वहीं, सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.
-विनोद पचौरी, जिला शासकीय अधिवक्ता

एटा: जिले में साल 2017 में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपी पति को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं, आरोपी के माता-पिता को दोषमुक्त करार दिया है.

दहेज हत्या में पति को आजीवन कारावास.
क्या है पूरा मामला
  • मामला मिरहची थाना क्षेत्र का है.
  • वर्ष 2015 में कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के निवासी जमुना प्रसाद ने पुत्री संगीता की शादी की थी.
  • शादी मिरहची थाना क्षेत्र के हिम्मतनगर बझेड़ा गांव के निवासी गजराज के पुत्र सुनील के साथ की थी.
  • जमुना प्रसाद का आरोप था कि संगीता के पति सुनील और ससुराली जनों ने दहेज के लिए उसकी गला दबाकर हत्या कर दी.
  • इस मुकदमे में मृतका के पति सुनील, ससुर गजराज और सास निर्मला के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया.
  • विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर न्यायालय कुमार गौरव ने आरोपित पति सुनील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
  • आरोपी सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया है.
  • शासन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने की थी.

यह भी पढ़ें: पड़ोसी के ट्वीट के बाद गरीबी के शिकार परिवार को मिला अनाज

2017 के दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. वहीं, सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया गया है.
-विनोद पचौरी, जिला शासकीय अधिवक्ता

Intro:साल 2017 में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले आरोपित पति को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वही आरोपित के माता पिता को दोषमुक्त करार दिया है।


Body:वर्ष 2015 में कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र निवासी जमुना प्रसाद ने अपनी पुत्री संगीता की शादी मिरहची थाना क्षेत्र के हिम्मतनगर बझेड़ा गांव निवासी गजराज के पुत्र सुनील से की थी। जमुना प्रसाद का आरोप था कि मृतक पुत्री के पति सुनील ससुर गजराज तथा सास निर्मला ने दहेज के लिए उसकी पुत्री की गला दबाकर हत्या कर दी। मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आए इस मुकदमे में मृतका के पति सुनील ससुर गजराज तथा सास निर्मला के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। इस आरोप पत्र पर पक्ष विपक्ष की दलीलें व साक्ष्य देखने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंचम/ विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर न्यायालय कुमार गौरव ने आरोपित पति सुनील को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है । जबकि आरोपित सास-ससुर को आरोपों से मुक्त कर दिया है।


Conclusion:शासन की ओर से इस मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने की है।
बाइट: विनोद पचौरी ( जिला शासकीय अधिवक्ता एटा न्यायालय)
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