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चंबल नहर फूटने से सैकड़ों बीघे की फसल डूबी, पीड़ित किसानों ने की मुआवजे की मांग

आगरा में गढ़ी रमपुरा के पास चंबल नहर की पटरी टूटकर फूट गई. नहर के पानी में डूब गयी किसानों की सैकड़ों बीघे की फसल.

जलमग्न फसल
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Published : Nov 21, 2021, 5:40 PM IST

आगरा: जनपद के जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत गांव गढ़ी रमपुरा के पास अचानक रात के समय चंबल नहर की पटरी फूटने से खेतों में पानी भर गया. इस वजह से इलाके की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गयी. अब प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

पिनाहट कस्बा क्षेत्र से निकलकर इटावा तक पहुंची चंबल डाल नहर परियोजना से पिनाहट, बाह, जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव के सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टेयर खेती की सिंचाई होती है. गेहूं, आलू, सरसों आदि फसलों की बुवाई का समय आने पर किसानों ने चंबल नहर को चालू कराने की मांग की थी. कई महीनों से बंद पड़ी चंबल डाल नहर परियोजना को विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को पत्र लिखकर इसे चालू करने की मांग की थी.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

5 दिन पूर्व चंबल नहर को किसानों की सिंचाई के लिए चालू किया गया था, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे थे. मगर शनिवार की देर रात को जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव गढ़ी रमपुरा के पास अचानक चंबल नहर की पटरी टूट गई. नहर का पानी किसानों के खेतों में जाने लगा.

रविवार सुबह तक किसानों की सैकड़ों बीघे में लगे आलू, सरसों, गेहूं और जौ की फसल जलमग्न हो गई. इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ. चारों तरफ खेतों में पानी ही पानी दिखाई देने लगा है.

ग्रामीणों ने नहर फूटने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम एवं उपजिलाधिकारी बाह रतन सिंह को दी. तत्काल उपजिलाधिकारी ने नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को मामले से अवगत कराया. सूचना पर तत्काल नहर को बंद किया गया, तब कहीं जाकर नहर का पानी कम हुआ. उपजिलाधिकारी बाह रतन सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.

उपजिलाधिकारी बाह की मौजूदगी में मिट्टी, बालू की बोरियां लगाकर फूटी नहर को ठीक कराने का कार्य प्रारंभ किया गया. ग्रामीणों की मदद से फूटी नहर ठीक की जा रही है.

इसे भी पढ़ेः आगरा में फूटी चंबल नहर, आलू और गेहूं की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

वहीं किसानों ने उप जिलाधिकारी से फसल जलमग्न होने की समस्या से अवगत कराया और शासन-प्रशासन से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग की. ग्रामीणों के मुताबिक नहर फूटने की सूचना के बावजूद नहर विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चंबल नहर की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण नहर की पटरी फूट गई और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है.

जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गढी रमपुरा के पास अचानक नहर फूटने से किसान बंटी वर्मा, किरण नरवरिया, दिलीप तिवारी, अवधेश तिवारी, ठुक्के सिंह, छोटे सिंह, रामकरण नरवरिया, अते सिंह और अवनीश यादव की करीब 200 बीघा गेहूं, आलू, सरसों की फसल जलमग्न हो कर बर्बाद हो गयी. वहीं नहर का पानी गांव के ग्रामीणों के घरों तक भी पहुंच गया है.

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आगरा: जनपद के जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत गांव गढ़ी रमपुरा के पास अचानक रात के समय चंबल नहर की पटरी फूटने से खेतों में पानी भर गया. इस वजह से इलाके की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गयी. अब प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

पिनाहट कस्बा क्षेत्र से निकलकर इटावा तक पहुंची चंबल डाल नहर परियोजना से पिनाहट, बाह, जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई गांव के सैकड़ों किसानों की हजारों हेक्टेयर खेती की सिंचाई होती है. गेहूं, आलू, सरसों आदि फसलों की बुवाई का समय आने पर किसानों ने चंबल नहर को चालू कराने की मांग की थी. कई महीनों से बंद पड़ी चंबल डाल नहर परियोजना को विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह को पत्र लिखकर इसे चालू करने की मांग की थी.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

5 दिन पूर्व चंबल नहर को किसानों की सिंचाई के लिए चालू किया गया था, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे थे. मगर शनिवार की देर रात को जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव गढ़ी रमपुरा के पास अचानक चंबल नहर की पटरी टूट गई. नहर का पानी किसानों के खेतों में जाने लगा.

रविवार सुबह तक किसानों की सैकड़ों बीघे में लगे आलू, सरसों, गेहूं और जौ की फसल जलमग्न हो गई. इससे किसानों का काफी नुकसान हुआ. चारों तरफ खेतों में पानी ही पानी दिखाई देने लगा है.

ग्रामीणों ने नहर फूटने की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम एवं उपजिलाधिकारी बाह रतन सिंह को दी. तत्काल उपजिलाधिकारी ने नहर विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को मामले से अवगत कराया. सूचना पर तत्काल नहर को बंद किया गया, तब कहीं जाकर नहर का पानी कम हुआ. उपजिलाधिकारी बाह रतन सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया.

उपजिलाधिकारी बाह की मौजूदगी में मिट्टी, बालू की बोरियां लगाकर फूटी नहर को ठीक कराने का कार्य प्रारंभ किया गया. ग्रामीणों की मदद से फूटी नहर ठीक की जा रही है.

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वहीं किसानों ने उप जिलाधिकारी से फसल जलमग्न होने की समस्या से अवगत कराया और शासन-प्रशासन से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग की. ग्रामीणों के मुताबिक नहर फूटने की सूचना के बावजूद नहर विभाग का कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिस पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चंबल नहर की सफाई ठीक से नहीं होने के कारण नहर की पटरी फूट गई और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है.

जैतपुर ब्लॉक क्षेत्र के गढी रमपुरा के पास अचानक नहर फूटने से किसान बंटी वर्मा, किरण नरवरिया, दिलीप तिवारी, अवधेश तिवारी, ठुक्के सिंह, छोटे सिंह, रामकरण नरवरिया, अते सिंह और अवनीश यादव की करीब 200 बीघा गेहूं, आलू, सरसों की फसल जलमग्न हो कर बर्बाद हो गयी. वहीं नहर का पानी गांव के ग्रामीणों के घरों तक भी पहुंच गया है.

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