नई दिल्ली: क्या ड्रीम गर्ल और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को पार्टी रिटायर करने का अंदरखाने मन बना चुकीं हैं? क्या कंगना रनौत को मथुरा की सीट के लिए ग्रीन सिग्नल मिल चुका है? यदि बात करें मथुरा सांसद की तो हेमा मालिनी वैसे तो मथुरा में सक्रिय रहती हैं, मगर इस सीट पर विपक्षी उन्हें बाहरी होने का हमेशा से आरोप लगाते रहते हैं. अब इस सीट पर स्टारडम का प्रभाव बना रहे और एक तेज तर्रार व लोकप्रिय चेहरा भी पार्टी को कंगना के तौर पर मिल जाए तो बीजेपी को और क्या चाहिए.
वैसे बीजेपी में शाह मोदी के आने के बाद ही ये नियम बना दिया गया था कि 75 साल के बाद किसी भी पार्टी के नेता को टिकट नहीं दिया जाएगा और हेमा कुछ ही दिनों पहले 75 साल की हो चुकी है. वहीं ये चर्चा तब से शुरू हुई, जब अयोध्या के बाद कंगना रानौत गुजरात के द्वारकाधीश श्री कृष्ण के मंदिर दर्शन करने पहुंचीं और वहां मीडिया द्वारा पूछे गए चुनाव लड़ने के सवालों पर भी एक तरह से भगवान की मर्जी बताते हुए सांकेतिक इशारा किया.
वैसे भी कुछ सालों से कई चुनावों में खासकर उत्तराखंड के चुनाव से ही कंगना के चुनाव लड़ने के कयास लगाए जा रहे थे और अंदरखाने वो पार्टी के कई नेताओं के संपर्क में भी हैं. यही नहीं, कई मुद्दों पर चाहे, वो शिवसेना की सरकार द्वारा उनके मुंबई के घर तोड़ने का मुद्दा हो या फिर विवादित बयानों को लेकर बीजेपी के नेता गाहे बगाहे कंगना के समर्थन में खुलकर बयान देते रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर मथुरा की सीट के उम्मीदवार को लेकर वहां की सांसद हेमा मालिनी से जब भी मीडिया ने कंगना पर सवाल किया तो वो बिफर जाती है. जिसे देखकर पार्टी उनके बगावती तेवर को भी भांपते हुए आगे बढ़ रही है और सूत्रों की माने तो यदि पार्टी मथुरा से कंगना को चुनाव लड़वती भी है, तो हेमामालिनी को इस बात के लिए तैयार करने की कोशिश करेगी कि वो उनके साथ प्रचार में कदम-ताल मिलाती दिखें. वैसे भी पार्टी की अघोषित नीति के अनुसार 75 साल के बाद सक्रिय राजनीति से उन्हें रिटायर किया जाना तय है.
वहीं दूसरी तरफ उनकी अपने क्षेत्र में सक्रियता को लेकर भी हमेशा से सवाल उठते रहते हैं. तीसरी बार उनकी दावेदारी को वैसे भी कम कर देती है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी सूबे में कंगना के जरिए हिंदुत्व की धार को तेज कर बाकी सीटों पर भी सियासी फायदा उठाने की कोशिश करेगी. पार्टी के एक प्रवक्ता ने नाम न लेने की शर्त पर कहा कि यदि पार्टी अपने नियम के अनुसार चलती भी है, तो इसमें गलत क्या है. रही बात हेमा जी की तो वह पार्टी की सक्रिय और वरिष्ठ सदस्य हैं और उन्हें भी पार्टी जरूर सम्मान देगी.