श्रीनगर : कश्मीर में आतंकियों ने मंगलवार को कुलगाम में स्कूल टीचर रजनी कुमारी बाला की हत्या कर दी. वह मूल रूप से सांबा जिले की रहने वाली थी. हाल के दिनों में टारगेट किलिंग की घटनाओं के बाद राज्य में रहने वाले अल्पसंख्यक हिंदुओं की चिंता बढ़ गई है. कश्मीरी पंडित समुदाय के लोग पहले ही सामूहिक इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं. अब राज्य सरकार ने सभी विभाग के अफसरों से ऐसे कर्मचारियों की लिस्ट तलब की है, जिसका घर जम्मू में है मगर वह कश्मीर घाटी में तैनात हैं. प्रोविंसियल कमिश्नर ऑफिस की ओर से जारी निर्देश में सभी सरकारी विभागों से कर्मचारियों की लिस्ट और डिटेल जल्द से जल्द उपलब्ध कराने जल्द से जल्द देने को कहा गया है.
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पुलिस के अनुसार टारगेट किलिंग की शिकार बनी टीचर रजनी बाला सांबा की रहने वाली थीं मगर उनकी पोस्टिंग कुलगाम के स्कूल में थी. पिछले साल अक्टूबर में टीचर दीपक चंद की श्रीनगर जिले के ईदगाह के एक सरकारी स्कूल में आतंकियों ने हत्या कर दी थी. दीपक चंद जम्मू के रहने वाले थे और उनकी पोस्टिंग श्रीनगर के स्कूल में की गई थी. इसके अलावा आतंकियों ने श्रीनगर के अलची बाग निवासी स्कूल की प्रिंसिपल संपिंदर कौर को भी मार डाला था. अभी तक इस साल आतंकी हमलों में 17 आम नागरिकों की जान जा चुकी है. गौरतलब है कि जम्मू और कश्मीर के सभी जिलों में सूचीबद्ध जाति वर्ग के व्यक्तियों के लिए सरकारी नौकरियों में 8 फीसदी आरक्षण दिया जाता है. इसी के तहत उन्हें कश्मीर के जिलों में तैनाती मिलती है. मगर हाल के दिनों में बढ़ी टारगेट किलिंग की घटना के बाद अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में रोष बढ़ता जा रहा है. वह सरकार से कश्मीर के बाहर नौकरी देने की मांग कर रहे हैं.
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