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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है बिजली विभाग के झटकों का खामियाजा... - झालावाड़

सूबे में इस समय बिजली के कनेक्शन तेजी से काटे जा रहे हैं. जिससे लोगों में खासा आक्रोश है. दरअसल मार्च का महिना वित्तीय वर्ष का अंतिम माह होता है. जिसके चलते बिजली विभाग रिकवरी करना शुरु कर देता है. जिसके चलते आम जनता पर पूरा भुगतान करने का भार पड़ता है और वह उसका भुगतान नहीं कर पाती. जिसके चलते उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं.

बिजली विभाग में बिलों की रिकवरी के चलते अनेक लोगों के बिजली के कनेक्शन काट दिए हैं.
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Published : Mar 24, 2019, 8:24 PM IST

झालावाड़. मार्च का महीना वित्तीय वर्ष की समाप्ति का अंतिम महीना होता है. जिसके चलते सभी विभाग रिकवरी पर खासा ध्यान देते हैं, लेकिन झालावाड़ के बिजली विभाग ने कुछ ज्यादा ही सख्ती अपना रखी है. झालावाड़ में बिजली विभाग में बिलोंकी रिकवरी के चलते अनेक लोगों के बिजली के कनेक्शन काट दिए हैं और अभी भी यह कनेक्शन काटने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बिजली विभाग साल भर तो बिलों की वसूली नहीं करता है, लेकिन मार्च के महीने में आकर अचानक से वसूली करने लगता है. जिसके चलते आम जनता पर पूरा भुगतान करने का भार पड़ता है और वह उसका भुगतान नहीं कर पाते. जिसके चलते उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं. बिजली विभाग की रिकवरी के चलते सिर्फ आम जनता के लिए ही नहीं बल्कि कांग्रेस के लिए भी नई मुसीबत खड़ी हो रही है. क्योंकि रिकवरी से परेशान जनता इसके पीछे सीधे-सीधे राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार मान रही है.

वीडियो : लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है बिजली विभाग के झटकों का खामियाजा.


ईटीवी भारत की टीम ने आम जनता से बात की तो ललित शर्मा का कहना था कि नई सरकार से आम जनता को बहुत उम्मीदें थी लेकिन कांग्रेस हमारी कसौटी पर खरी नहीं उतर पा रही है. क्योंकि कांग्रेस के आते ही रिकवरी के नाम पर लोगों के बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं. उनका कहना है कि बिजली विभाग साल भर बिलों की वसूली नहीं करता है और अचानक से मार्च के महीने में वसूली करता है जिसके चलते हमारे ऊपर अधिक भार आ जाता है.

वहीं कय्यूम सिद्धकी का कहना है कि बिजली विभाग साल भर तो सोया रहता है और अचानक से मार्च के महीने में जागता है और जागते ही आम जनता पर टूट पड़ता है. अमीर लोग तो बिलों का भुगतान कर देते हैं लेकिन गरीब लोग नहीं कर पाते हैं. जिसके चलते उनके लिए एक बल्ब जलाना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है. वहीं ब्रज बल्लभ शर्मा का कहना है कि बिजली विभाग बिजली की चोरी पर ध्यान नहीं देता है. जिसके चलते चोरी हुई बिजली का भार आम जनता पर आता है. जिससे सामान्य लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

वहीैबिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जे एल मीणा का कहना है कि इंडस्ट्रियल कनेक्शन और 1 साल से जिसने भी भुगतान नहीं किया है उनके कनेक्शन काटने का निर्देश दिया गया है. बिजली के कनेक्शन काटने के निर्देश ऊपर से आए हैं इसमें हमारे स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सही है कि लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं क्योंकि निगम ने जो हमें टारगेट दिया उसको पूरा करना है. जयपुर से ही रिकवरी में सख्ती अपनाने के आदेश मिले हैं हमारे स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है.

वहीें जब कांग्रेस के नेताओं से बात की तो उनका कहना था कि बिजली विभाग तो अपनी कार्रवाई करेगा इसमें हम क्या कर सकते हैं. बिजली विभाग की इस सख्ती से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि आम जनता इसे सीधे सीधे कांग्रेस से जोड़कर देख रही है.

झालावाड़. मार्च का महीना वित्तीय वर्ष की समाप्ति का अंतिम महीना होता है. जिसके चलते सभी विभाग रिकवरी पर खासा ध्यान देते हैं, लेकिन झालावाड़ के बिजली विभाग ने कुछ ज्यादा ही सख्ती अपना रखी है. झालावाड़ में बिजली विभाग में बिलोंकी रिकवरी के चलते अनेक लोगों के बिजली के कनेक्शन काट दिए हैं और अभी भी यह कनेक्शन काटने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है.

बिजली विभाग साल भर तो बिलों की वसूली नहीं करता है, लेकिन मार्च के महीने में आकर अचानक से वसूली करने लगता है. जिसके चलते आम जनता पर पूरा भुगतान करने का भार पड़ता है और वह उसका भुगतान नहीं कर पाते. जिसके चलते उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं. बिजली विभाग की रिकवरी के चलते सिर्फ आम जनता के लिए ही नहीं बल्कि कांग्रेस के लिए भी नई मुसीबत खड़ी हो रही है. क्योंकि रिकवरी से परेशान जनता इसके पीछे सीधे-सीधे राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार मान रही है.

वीडियो : लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है बिजली विभाग के झटकों का खामियाजा.


ईटीवी भारत की टीम ने आम जनता से बात की तो ललित शर्मा का कहना था कि नई सरकार से आम जनता को बहुत उम्मीदें थी लेकिन कांग्रेस हमारी कसौटी पर खरी नहीं उतर पा रही है. क्योंकि कांग्रेस के आते ही रिकवरी के नाम पर लोगों के बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं. उनका कहना है कि बिजली विभाग साल भर बिलों की वसूली नहीं करता है और अचानक से मार्च के महीने में वसूली करता है जिसके चलते हमारे ऊपर अधिक भार आ जाता है.

वहीं कय्यूम सिद्धकी का कहना है कि बिजली विभाग साल भर तो सोया रहता है और अचानक से मार्च के महीने में जागता है और जागते ही आम जनता पर टूट पड़ता है. अमीर लोग तो बिलों का भुगतान कर देते हैं लेकिन गरीब लोग नहीं कर पाते हैं. जिसके चलते उनके लिए एक बल्ब जलाना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता है. वहीं ब्रज बल्लभ शर्मा का कहना है कि बिजली विभाग बिजली की चोरी पर ध्यान नहीं देता है. जिसके चलते चोरी हुई बिजली का भार आम जनता पर आता है. जिससे सामान्य लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

वहीैबिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जे एल मीणा का कहना है कि इंडस्ट्रियल कनेक्शन और 1 साल से जिसने भी भुगतान नहीं किया है उनके कनेक्शन काटने का निर्देश दिया गया है. बिजली के कनेक्शन काटने के निर्देश ऊपर से आए हैं इसमें हमारे स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सही है कि लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं क्योंकि निगम ने जो हमें टारगेट दिया उसको पूरा करना है. जयपुर से ही रिकवरी में सख्ती अपनाने के आदेश मिले हैं हमारे स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है.

वहीें जब कांग्रेस के नेताओं से बात की तो उनका कहना था कि बिजली विभाग तो अपनी कार्रवाई करेगा इसमें हम क्या कर सकते हैं. बिजली विभाग की इस सख्ती से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि आम जनता इसे सीधे सीधे कांग्रेस से जोड़कर देख रही है.
Intro:कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है बिजली विभाग की सख्ती का खामियाजा


Body:मार्च का महीना वित्तीय वर्ष की समाप्ति का अंतिम महीना होता है जिसके चलते सभी विभाग रिकवरी पर खासा ध्यान देते हैं लेकिन झालावाड़ के बिजली विभाग ने कुछ ज्यादा ही सख्ती कर अपना रखी है. झालावाड़ में बिजली विभाग में बिलो की रिकवरी के चलते अनेक लोगों के बिजली के कनेक्शन काट दिए हैं और अभी भी यह कनेक्शन काटने का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिजली विभाग साल भर तो बिलों की वसूली नहीं करता है लेकिन मार्च के महीने में आकर अचानक से वसूली करने लगता है जिसके चलते आम जनता पर पूरा भुगतान करने का भार पड़ता है और वह उसका भुगतान नहीं कर पाते जिसके चलते उनके कनेक्शन काट दिए जाते हैं. बिजली विभाग की रिकवरी के चलते सिर्फ आम जनता के लिए ही नहीं बल्कि कांग्रेस के लिए भी नई मुसीबत खड़ी हो रही है क्योंकि रिकवरी से परेशान जनता इसके पीछे सीधे-सीधे राज्य की कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार मान रही है.

वैसे भी कांग्रेस के बारे में कहा ही जाता है कि "कांग्रेस आई तो बिजली गई" ऐसे में जनता का भी कहना है कि कांग्रेस के आते ही बिजली के साथ-साथ हमारे कनेक्शन भी काटे जा रहे हैं. ऐसे में बिजली विभाग की सख्ती का खामियाजा कांग्रेस को आगामी चुनाव में भुगतना पड़ सकता है.

ईटीवी भारत की टीम ने आम जनता से बात की तो ललित शर्मा का कहना था कि नई सरकार से आम जनता को बहुत उम्मीदें थी लेकिन कांग्रेस हमारी कसौटी पर खरी नहीं उतर पा रही है क्योंकि कांग्रेस के आते ही रिकवरी के नाम पर लोगों के बिजली के कनेक्शन काटे जा रहे हैं. उनका कहना है कि बिजली विभाग साल भर बिलों की वसूली नहीं करता है और अचानक से मार्च के महीने में वसूली करता है जिसके चलते हमारे ऊपर अधिक भार आ जाता है.

वहीं कय्यूम सिद्धकी का कहना है कि बिजली विभाग साल भर तो सोया रहता है और अचानक से मार्च के महीने में जागता है और जागते ही आम जनता पर टूट पड़ता है. अमीर लोग तो बिलों का भुगतान कर देते हैं लेकिन गरीब लोग नहीं कर पाते हैं जिसके चलते उनके लिए एक बल्ब जलाना भी उनके लिए मुश्किल हो जाता.

ब्रज बल्लभ शर्मा का कहना है कि बिजली विभाग बिजली की चोरी पर ध्यान नहीं देता है जिसके चलते चोरी हुई बिजली का भार आम जनता पर आता है. जिससे सामान्य लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

वही बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता जे एल मीणा का कहना है कि इंडस्ट्रियल कनेक्शन और 1 साल से जिसने भी भुगतान नहीं किया है उनके कनेक्शन काटने का निर्देश दिया गया है. बिजली के कनेक्शन काटने के निर्देश ऊपर से आए हैं इसमें हमारे स्तर पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सही है कि लोगों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं क्योंकि निगम ने जो हमें टारगेट दिया उसको पूरा करना है. जयपुर से ही रिकवरी में सख्ती अपनाने के आदेश मिले हैं हमारे स्तर पर कुछ नहीं हो रहा है.


Conclusion:वही जब हमने कांग्रेस के नेताओं से बात की तो उनका कहना था कि बिजली विभाग तो अपनी कार्रवाई करेगा इसमें हम क्या कर सकते हैं

वही बिजली विभाग की इस सख्ती से कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है क्योंकि आम जनता इसे सीधे सीधे कांग्रेस से जोड़कर देख रही है.
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