जयपुर. राजस्थान की खाकी पर एक ऐसा दाग लगा है जो पूरे पुलिस महकमे के लिए शर्मिंदगी की वजह बन गया है. एसीबी में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक पुलिस विभाग को सबसे ज्यादा बार ट्रैप किया गया. ऐसे में भ्रष्टाचार करने वाले विभाग में सबसे पहले नंबर पर पुलिस विभाग कायम है.
वहीं, पुलिस विभाग के बाद राजस्व विभाग दूसरे स्थान पर, विद्युत विभाग तीसरे स्थान पर, चिकित्सा विभाग चौथे स्थान पर और यूडीएच पांचवे स्थान पर है. पिछले 3 वर्षों से पुलिस विभाग भ्रष्टाचार फैलाने और एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ट्रैप करने के मामले में पहले नंबर पर कायम है.
उधर, आंकड़ों पर एक नजर डालें तो वर्ष 2016 में एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 61 पुलिसकर्मियों को ट्रैप किया गया. वहीं, राजस्व विभाग में 56, विद्युत विभाग में 35, चिकित्सा विभाग में 11 और यूडीएच में 23 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में ट्रैप किया गया.
इसी तरह वर्ष 2017 में पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी द्वारा 83 पुलिसकर्मियों को ट्रैप किया गया. इस दौरान राजस्व विभाग में 51, विद्युत विभाग में 27, चिकित्सा विभाग में 12 और यूडीएच में 16 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में ट्रैप किया गया.
ऐसे ही साल 2018 में भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी द्वारा कार्रवाई करते हुए 57 पुलिसकर्मियों को ट्रैप किया गया. राजस्व विभाग में 37, विद्युत विभाग में 24, चिकित्सा विभाग में 19 और यूडीएच में 16 लोगों को भ्रष्टाचार के मामलों में ट्रैप किया गया. सभी विभागों में पुलिस विभाग ही भ्रष्टाचार में सर्वाधिक लिप्त पाया गया है. ऐसे में देखने वाली बात है कि खाकी का जो इकबाल राजस्थान में गिरा है उसे कितना जल्द अधिकारी सुधार पाते हैं.