जयपुर. हाल ही में प्रदेश के शीर्ष नेताओं को गुटबाजी नहीं करने की सलाह देने वाले विधायक राम नारायण मीणा ने एक बार फिर से प्रदेश के बड़े नेताओं को सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वे अपने समर्थकों को बयानबाजी करने से रोकें. इससे पार्टी को बड़ा नुकसान हो रहा है.
दरअसल, सोमवार को हार के कारणों के सवाल पर बोलते हुए राम नारायण मीणा ने कहा कि उन्हें लगता है कि मतदाताओं का खेल कम और ईवीएम के सॉफ्टवेयर का खेल ज्यादा है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब ईवीएम में पूरे दिन वोट डाले थे तो फिर ऐसा कैसे संभव है कि कोई ईवीएम 98 फीसदी चार्ज थी तो कोई 95 फीसदी. जबकि उनसे वोट देने का काम हुआ था फिर भी उनकी बैटरी खर्च क्यों नहीं हुई.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं में भीतरघात की बात भी सामने आ रही है. वह भी एक कारण हो सकता है. लेकिन चुनाव के बाद जिस तरीके से जात और वाद को लेकर अनर्गल बातें हो रही हैं. उससे कांग्रेस पार्टी को बड़ा नुकसान हो रहा है.
विधायक मीणा ने कहा कि पार्टी के नेताओं को अपने-अपने समर्थकों को कंट्रोल करना चाहिए. क्योंकि उनके जैसे नेता पार्टी को चाहते हैं, जबकि बड़े नेता पदों को चाहते हैं. वे पदों पर रहें, इससे उनको कोई आपत्ति नहीं है. उन्हें किसी तरह का कोई पद नहीं चाहिए. लेकिन शीर्ष पदों पर और भीतर बैठे नेता लड़ क्यों रहे हैं. इस लड़ाई से पार्टी को ज्यादा नुकसान हो रहा है. इसे नेताओं को रोकना चाहिए.