भरतपुर. जिले में दो सगी बहनें जिनकी शादी एक गांव में दो भाइयों के साथ हुई थी. लेकिन, दोनों महिलाओं के पति जुआ, शराब के आदी हैं. जिससे वे जमीन को बेचने में लगे हुए हैं. लेकिन, जब दोनों बहनों ने अपने पतियों को ऐसा करने से रोका तो एक बहन पर हमला बोल दिया और उसको जबरदस्ती जहरीला पदार्थ पिला दिया और जब दूसरी बहन उसको बचाने पहुंची तो उस पर भी हमला बोल दिया.
जिससे दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं और आनन-फानन में ग्रामीण दोनों महिलाओं को जिला आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराकर चले गए. अस्पताल में कुछ दिन इलाज चला और उनके ससुराल वाले और पीहर वाले महिलाओं को अस्पताल से लेने नहीं पहुंचे जिसके बाद महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी ने उनकी सहायता की और उनको जिला पुलिस अधीक्षक के पास लेकर पहुंची. जिसके बाद पुलिस टीम के साथ सम्बंधित थाने में महिलाओं को भेजा गया और मामला दर्ज कराया जा रहा है.
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दरअसल, मामला डीग थाना इलाके के सोन गांव का है. जहां उत्तर प्रदेश के नन्द गांव के पास तातपुर निवासी दो सगी बहन कुसुमलता और गीता की शादी डीग के सोन गांव निवासी दो सगे भाई वीर पाल और शेर पाल के साथ साल 2012 में हुई थी. लेकिन, दोनों महिलाओं के पति जुआ, शराब और अय्याशी के आदी हैं. जिसके चलते वे अपनी कृषि भूमि को बेच रहे हैं और महिलाओं द्वारा विरोध करने पर उन पर हमला बोल घायल कर दे रहे हैं. बता दें, अब ससुराल वाले महिलाओं को अपने घर में लेने को तैयार नहीं हैं. साथ ही पुलिस में शिकायत करने पर उनको जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. वहीं, महिलाओं के मायके वाले भय की वजह से महिलाओं से मिलने आने में डर रहे हैं.
महिलाओं ने बताया की मारपीट करने के बाद उनके ससुराल पक्ष के कुछ लोग उनको जिला आरबीएम अस्पताल में 18 सितम्बर को भर्ती करा गए थे. लेकिन उनको लेने नहीं आए और अस्पताल से उनको डिस्चार्ज कर दिया. अब महिलाओं के लिए मुसीबत है की वे कहां जाएं. क्योंकि यदि वापस ससुराल जाएं तो वहां के पक्ष के लोग उनकी हत्या कर देंगे.
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महिला अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी पीड़ित महिलाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक के पास पहुंची और महिलाओं की सुरक्षा की गुहार लगाई. जिस पर एसपी ने पुलिस टीम के साथ महिलाओं को सम्बंधित थाने में मामला दर्ज कराने के लिए भेजा है.