बांसवाड़ा. नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के 2 साल पुराने मामले में स्पेशल कोर्ट ने अपना अहम निर्णय सुनाया. अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास और अलग-अलग धाराओं में जुर्माने की सजा सुनाई.
दरअसल, यह वाक्या वर्ष 2018 का है. कुशलगढ़ पुलिस थाने में 10 नवंबर 2018 को एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दी कि वह अपने बेटे और बेटी के साथ घर पर ही था. दीपावली के त्योहार के बाद घर के लोग रिश्तेदारी में गए थे. सुबह-सुबह सबलपुरा गांव निवासी किशन अचानक उसके घर में घुसा और उसकी 13 साल की पुत्री को उठाकर जीप में डालकर ले गया.
अगले दिन ग्रामीणों के साथ परिवार के लोग आरोपी के घर पहुंचे, जहां गांव के लोगों ने उसकी पुत्री को लौटाने का भरोसा दिलाया. इस आश्वासन पर परिवार के लोग घर लौट गए, लेकिन 2 दिन बाद भी उसकी पुत्री को नहीं छोड़ा और आरोपी ने किशोरी को एक युवक से शादी कराने की नियत से उठा ले जाने की बात कहते हुए लौटाने से इंकार कर दिया और परिवार के लोगों को भी धमकाया. पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की तहकीकात शुरू की.
पुलिस ने किशोरी को अहमदाबाद से बरामद किया. किशोरी ने अपने बयानों में आरोपी द्वारा उसे 10 दिन तक बंधक बनाए रखने और उसके साथ जबरदस्ती किया जाने का आरोप लगाया. पुलिस ने आरोपी किशन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में चालान पेश किया.
पढ़ेंः जयपुर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, IPL क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाते तीन गिरफ्तार
विशेष लोक अभियोजक शौकत हुसैन ने इस मामले में 17 गवाह और 34 दस्तावेज पेश किए. दोनों ही पक्षों की दलितों की सुनवाई के बाद पीठासीन अधिकारी मोहम्मद आरिफ ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया. धारा 370 तीन के अंतर्गत 20 साल की कठोर कैद और 20 हजार का जुर्माना सुनाया. कोर्ट ने धारा 363 के तहत 5000, 366 में 10,000, धारा 344 के तहत 25 सो रुपए और धारा 376(2) और पॉक्सो एक्ट में भी 14- 14 हजार का अर्थदंड लगाया.