जयपुर. राजधानी में बढ़ती चोरी, लूट, डकैती सहित अन्य वारदातों पर लगाम लगाने के लिए अब जयपुर पुलिस तीसरी आंख (CCTV cameras in Jaipur) के भरोसे है. ऐसे में पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाने के लिए तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर (order to increase cctv cameras in jaipur ) उच्च गुणवत्ता के सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश जारी किए गए हैं.
पुलिस कमिश्नरेट से एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर हैदर अली जैदी ने भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत शहर के तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे (night vision cctv camera in jaipur) लगाने को लेकर आदेश जारी किए हैं.
यहां सीसीटीवी लगाने के आदेश
आदेश के तहत तमाम वित्तीय, वाणिज्य, व्यापारिक एवं व्यवसायिक संस्थाएं जैसे कि बैंक, एटीएम, प्राइवेट लॉकर कंपनी, ज्वैलरी शॉप, पेट्रोल पंप, मॉल, होटल, सिनेमा हॉल, सिने कॉपलेक्स, शराब की दुकानें, रेस्टोरेंट, मल्टीस्टोरी बहुमंजिला सोसाइटी, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, बार, पब, क्लब हाउस, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थाओं और उनके समान श्रेणी के अन्य स्थान, भवन पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के आदेश जारी किए गए हैं.
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आदेश की पालना नहीं करने पर होगी कार्रवाई
सीआरपीसी की धारा 144 के तहत जारी किए गए आदेश की अवहेलना करने पर लापरवाही बरतने वाले व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत पुलिस की ओर से कार्रवाई की जाएगी.
सीसीटीवी से खुले कई वारदातों के राज
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर हैदर अली जैदी ने बताया कि राजधानी में कई ऐसी वारदातें घटित हुई हैं जिनका डिजिटल फुटप्रिंट सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ही पुलिस के हाथ लगा है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही बदमाशों को आईडेंटिफाई कर गिरफ्तार करते हुए वारदातों का खुलासा किया है. इसे देखते हुए शहर में सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाने की दिशा में यह पहल की जा रही है. सीसीटीवी कैमरा लगाने से न केवल सुरक्षा में बढ़ोतरी होती है, बल्कि एक सस्ता चौकीदार भी मिल जाता है जो आने जाने वाले हर प्रकार के लोगों पर अपनी पैनी नजर रखता है.
सीसीटीवी के अलावा दो अन्य भी आदेश जारी
सीआरपीसी की धारा 144 के तहत सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए जाने के अलावा दो अन्य आदेश भी जारी किए गए हैं. दूसरा आदेश मकान और दुकान पर रखे नौकरों और किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने से संबंधित है. राजधानी में अनेक ऐसी वारदातें घटित हुई हैं, जिसमें नौकर या किराएदार की ओर से बड़ी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया गया है. इसे देखते हुए सभी लोगों को नौकरों और किरायेदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के आदेश जारी किए गए हैं.
तीसरा आदेश सिम कार्ड बेचने वाली टेलीकॉम कंपनियों और वेंडर के लिए जारी किया गया है. इसके तहत सिम कार्ड खरीदने वाले व्यक्ति के तमाम दस्तावेज और एड्रेस प्रूफ को बिना जांचे सिम कार्ड नहीं बेचने के लिए कहा गया है. ऐसी अनेक वारदात घटित हुई हैं, जिसमें फेक आईडी पर सिम कार्ड खरीद कर बदमाशों ने उन सिम कार्ड का वारदातों में प्रयोग किया है, जिसे देखते हुए यह आदेश जारी किए गए हैं.