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वन विभाग ने पेड़ों को किया ट्रांसप्लांट, निर्माणाधीन मकान में बन रहे थे बाधा - Transplanted in Jhalana Forest

वन विभाग ने पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की पहल की है. ऐसे में निर्माण कार्य में बाधा बन रहे पेड़ों को कटवाने के बजाए वन विभाग को सूचना दे दें तो वन कर्मी पेड़ को जड़ सहित निकालकर दूसरी जगह प्रत्यारोपित कर देंगे. अभी राजधानी जयपुर के आदर्श नगर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान के बीच आ रहे दो पेड़ों को वन विभाग ने झालाना वन क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया है.

Forest Department transplanted trees
वन विभाग ने पेड़ों को किया ट्रांसप्लांट
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Published : Sep 18, 2020, 11:06 PM IST

जयपुर. अगर आप के पुराने मकान या खाली जगह पर बरगद या पीपल का पेड़ बड़ा आकार लेने लग गया है और आप को उससे दिक्कत है तो उसे कटवाएं नहीं. आपको बिना पेड़ को काटे ही समस्या से निजात मिल जाएगी. आप इसकी सूचना वन विभाग तक पहुंचा दें. विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपनी टीम के साथ आएंगे और उस पेड़ को जड़ों सहित उखाड़ के ले जाएंगे और दूसरी जगह प्रत्यारोपित कर देंगे.

वन विभाग ने पेड़ों को किया ट्रांसप्लांट

इससे न पेड़ कटेगा और न आप की जगह खराब होगी. पेड़ को कर्मचारी जंगल में रोपित कर देंगे. राजधानी जयपुर के आदर्श नगर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान के बीच आ रहे दो पेड़ों को वन विभाग ने झालाना वन क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया है.

अब तक आपने किडनी, हार्ड, लिवर यहां तक कि हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में सुना होगा, लेकिन राजस्थान वन विभाग अब बरगद और पीपल समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों को भी ट्रांसप्लांट कर रहा है. शहरी क्षेत्र में बरगद और पीपल के पेड़ यदि किसी रहने वाले के लिए बाधा बन रहे हैं तो ऐसी स्थिति में वन विभाग को सूचना देकर इन्हें हटाया जा सकता है. वन विभाग के कर्मचारी इन्हें यहां से हटाकर जंगलों में ट्रांसफर कर देंगें.

यह भी पढ़ें: भीलवाड़ा वन विभाग ने इस साल लगाए सबसे ज्यादा पौधे

पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं. इसी से जुड़ी एक मुहिम के तहत प्रदेश में वन विभाग ने एक नई पहल की है. इसके तहत यदि निर्माणाधीन क्षेत्र में कोई पेड़ आ रहा है तो उसे बिना काटे अन्य जगह प्रत्यारोपित किया जा सकेगा. इससे पहले वन विभाग ने चारदीवारी क्षेत्र में मेट्रो कार्य निर्माण के दौरान भी सैकड़ों वर्ष पुराने बरगद के पेड़ भी इसी तरह अन्य जगह शिफ्ट किए थे.

यह भी पढ़ें: जयपुरः वन विभाग ने कोरोना से बचने का निकाला नया तरीका, कार्ययालय में लगाए गमले

झालाना के क्षेत्रीय वन अधिकारी 4 दिन पहले जयपुर के हिम्मतनगर से कॉल आई थी कि किसी ने 15 साल पहले अपने घर के बाहर एक पौधा लगाया था. इस बरगद के पेड़ की जड़ें मकान की नींव तक पहुंच गईं. पेड़ की जड़े बढ़ने से मकान को खतरा हो गया जिससे मकान मालिक इस पेड़ को काटना चाह रहे थे. वन विभाग के पास कॉल आई तो उन्हें पेड़ को काटने से मना कर दिया गया और कहा गया कि इस पेड़ को झालाना में ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा. इस तरह पेड़ का ट्रांसप्लांट करने के बाद लोगों में भी जागरूकता का संदेश गया कि पेड़-पौधों को बिना काटे दूसरी जगह ट्रांसप्लांट किया जा सकता है.

इसी तरह जयपुर के आदर्श नगर से भी कॉल आई थी कि कुछ पेड़ निर्माण के बीच में आ रहे हैं. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को निरीक्षण किया. एक चीकू का पेड़ और दूसरा फालसा का पेड़ था. दोनों पेड़ों को आदर्श नगर से सही सलामत झालाना वन क्षेत्र में लगा दिया गया है. अगर यह पेड़ सही से पनप जाते हैं तो यह वन विभाग के लिए बड़ी कामयाबी होगी. वन विभाग झालाना वन क्षेत्र में वन्यजीव और पक्षियों के लिए हेबिटार्ट डेवलप कर रहा है. वन विभाग ऐसे पेड़ों को ही वहां ट्रांसप्लांट करेगा जिसे काटा जा रहा हो या जो किसी निर्माण के बीच आ रहा हो.

वन कर्मचारी राजकिशोर योगी ने बताया कि आदर्श नगर इलाके में एक निर्माणाधीन मकान के बीच आ रहे दो पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही थी. फालसा और चीकू का पेड़ निर्माणाधीन मकान की दीवार के बीच में आ रहे थे. दोनों पेड़ों को मिट्टी समेत उखाड़कर झालाना वन क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया गया है. 1 दिन पहले पेड़ के चारों तरफ लाइन बनाकर मिट्टी की खाई बनाकर उसमें पानी भर दिया गया और दूसरे दिन उसको मिट्टी सहित उखाड़ कर ट्रांसप्लांट किया गया है.

जयपुर. अगर आप के पुराने मकान या खाली जगह पर बरगद या पीपल का पेड़ बड़ा आकार लेने लग गया है और आप को उससे दिक्कत है तो उसे कटवाएं नहीं. आपको बिना पेड़ को काटे ही समस्या से निजात मिल जाएगी. आप इसकी सूचना वन विभाग तक पहुंचा दें. विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपनी टीम के साथ आएंगे और उस पेड़ को जड़ों सहित उखाड़ के ले जाएंगे और दूसरी जगह प्रत्यारोपित कर देंगे.

वन विभाग ने पेड़ों को किया ट्रांसप्लांट

इससे न पेड़ कटेगा और न आप की जगह खराब होगी. पेड़ को कर्मचारी जंगल में रोपित कर देंगे. राजधानी जयपुर के आदर्श नगर इलाके के एक निर्माणाधीन मकान के बीच आ रहे दो पेड़ों को वन विभाग ने झालाना वन क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया है.

अब तक आपने किडनी, हार्ड, लिवर यहां तक कि हेयर ट्रांसप्लांट के बारे में सुना होगा, लेकिन राजस्थान वन विभाग अब बरगद और पीपल समेत विभिन्न प्रजातियों के पेड़ों को भी ट्रांसप्लांट कर रहा है. शहरी क्षेत्र में बरगद और पीपल के पेड़ यदि किसी रहने वाले के लिए बाधा बन रहे हैं तो ऐसी स्थिति में वन विभाग को सूचना देकर इन्हें हटाया जा सकता है. वन विभाग के कर्मचारी इन्हें यहां से हटाकर जंगलों में ट्रांसफर कर देंगें.

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पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं. इसी से जुड़ी एक मुहिम के तहत प्रदेश में वन विभाग ने एक नई पहल की है. इसके तहत यदि निर्माणाधीन क्षेत्र में कोई पेड़ आ रहा है तो उसे बिना काटे अन्य जगह प्रत्यारोपित किया जा सकेगा. इससे पहले वन विभाग ने चारदीवारी क्षेत्र में मेट्रो कार्य निर्माण के दौरान भी सैकड़ों वर्ष पुराने बरगद के पेड़ भी इसी तरह अन्य जगह शिफ्ट किए थे.

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झालाना के क्षेत्रीय वन अधिकारी 4 दिन पहले जयपुर के हिम्मतनगर से कॉल आई थी कि किसी ने 15 साल पहले अपने घर के बाहर एक पौधा लगाया था. इस बरगद के पेड़ की जड़ें मकान की नींव तक पहुंच गईं. पेड़ की जड़े बढ़ने से मकान को खतरा हो गया जिससे मकान मालिक इस पेड़ को काटना चाह रहे थे. वन विभाग के पास कॉल आई तो उन्हें पेड़ को काटने से मना कर दिया गया और कहा गया कि इस पेड़ को झालाना में ट्रांसप्लांट कर दिया जाएगा. इस तरह पेड़ का ट्रांसप्लांट करने के बाद लोगों में भी जागरूकता का संदेश गया कि पेड़-पौधों को बिना काटे दूसरी जगह ट्रांसप्लांट किया जा सकता है.

इसी तरह जयपुर के आदर्श नगर से भी कॉल आई थी कि कुछ पेड़ निर्माण के बीच में आ रहे हैं. वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को निरीक्षण किया. एक चीकू का पेड़ और दूसरा फालसा का पेड़ था. दोनों पेड़ों को आदर्श नगर से सही सलामत झालाना वन क्षेत्र में लगा दिया गया है. अगर यह पेड़ सही से पनप जाते हैं तो यह वन विभाग के लिए बड़ी कामयाबी होगी. वन विभाग झालाना वन क्षेत्र में वन्यजीव और पक्षियों के लिए हेबिटार्ट डेवलप कर रहा है. वन विभाग ऐसे पेड़ों को ही वहां ट्रांसप्लांट करेगा जिसे काटा जा रहा हो या जो किसी निर्माण के बीच आ रहा हो.

वन कर्मचारी राजकिशोर योगी ने बताया कि आदर्श नगर इलाके में एक निर्माणाधीन मकान के बीच आ रहे दो पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही थी. फालसा और चीकू का पेड़ निर्माणाधीन मकान की दीवार के बीच में आ रहे थे. दोनों पेड़ों को मिट्टी समेत उखाड़कर झालाना वन क्षेत्र में प्रत्यारोपित किया गया है. 1 दिन पहले पेड़ के चारों तरफ लाइन बनाकर मिट्टी की खाई बनाकर उसमें पानी भर दिया गया और दूसरे दिन उसको मिट्टी सहित उखाड़ कर ट्रांसप्लांट किया गया है.

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