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Omicron Variants in Rajasthan : ओमीक्रोन वेरिएंट पर बड़ा बयान..वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद नहीं आएंगे गंभीर लक्षण

जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंड़ारी का ओमीक्रोन वेरिएंट को लेकर बड़ा बयान (Dr Sudhir Bhandari on Omicron) आया है. डॉ सुधीर भंडारी ने कहा है कि वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद ओमीक्रोन वेरिएंट के गंभीर लक्षण नहीं आएंगे. बता दें कि राजस्थान में ओमीक्रोन संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है.

Omicron Variants in Rajasthan
Omicron Variants in Rajasthan
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Published : Dec 10, 2021, 5:50 PM IST

Updated : Dec 10, 2021, 7:56 PM IST

जयपुर. विश्व भर में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से दहशत फैल रही है. राजस्थान में ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron Variants in Rajasthan) के पाए जाने के बाद सूबे में दहशत हो गई थी. लेकिन अब सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव (Omicron infected patients report negative) आ चुकी है. ऐसे में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंड़ारी का बयान राहत देने वाला है. उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों में गंभीर लक्षण नहीं आएंगे.

हाल ही में राजधानी जयपुर में ओमीक्रोन केस (Omicron Cases in Jaipur) दर्ज किये गए थे. जयपुर में ओमीक्रोन के 9 मामले सामने आए थे. राहत भरी खबर ये है कि सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है. इनका ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर का कहना है कि मरीज एसिंप्टोमेटिक थे और उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे. जयपुर में ओमीक्रोन के मामले सामने आने के बाद सभी 9 मरीजों को आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती किया गया था.

दोनों डोज लगाने के बाद ओमीक्रोन का खतरा कम- डॉ भंडारी

जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंड़ारी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था. मामले को लेकर डॉ सुधीर भंडारी (Dr Sudhir Bhandari on Omicron) का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर जब खत्म हुई तो धीरे-धीरे संक्रमण के मामले भी कम होने लगे, लेकिन इसी बीच कोरोना का एक नया वेरिएंट सामने आ गया. डॉ भंडारी का कहना है कि ओमीक्रोन का नया वेरिएंट सबसे पहले साउथ अफ्रीका में देखने को मिला था.

पढ़ें- राजस्थान : ओमीक्रोन से संक्रमित 9 मरीज Hospital से डिस्चार्ज, कोरोना के 38 नए मामले आए सामने

उन्होंने कहा कि नए वेरिएंट में यह सामने आया कि यह तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. जब जयपुर में ओमीक्रोन के 9 नए मामले मिले तो सभी मरीजों को क्वॉरंटाइन किया गया और इलाज के लिए आरयूएचएस अस्पताल में भी भर्ती किया गया. लेकिन इस दौरान किसी भी मरीज की स्थिति नहीं बिगड़ी. डॉ भंडारी ने कहा कि ओमीक्रोन का क्लीनिकल प्रोफाइल यह दिखाता है कि भले ही यह नया वेरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित करता है, लेकिन मरीजों में माइल्ड कैटेगरी के सिम्टम्स ही नजर आ रहे हैं.

ओमीक्रोन पर कोरोना वैक्सीन का असर

ओमीक्रोन पर कोरोना वैक्सीन का असर (Effect of corona vaccine on Omicron) क्या पड़ रहा है, इस सवाल के जवाब में डॉ सुधीर भंडारी ने दावा किया है कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके व्यक्ति को अगर संक्रमण अपनी चपेट में ले भी लेता है तो उसमें माइल्ड सिम्टम्स ही क्रिएट होंगे. वैक्सीन की दोनों डोज लगे हुए मरीज को क्रिटिकल या आईसीयू में भर्ती करने की नौबत नहीं आएगी.

डॉ. भंडारी ने कहा कि साउथ अफ्रीका की बात करें तो अब तक हजारों की संख्या में ओमीक्रोन से संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं. लेकिन सिर्फ 4% मरीज ही आईसीयू में भर्ती हुए हैं. लिहाजा कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी हों तो संक्रमित व्यक्ति में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिलेंगे.

जयपुर. विश्व भर में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन से दहशत फैल रही है. राजस्थान में ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron Variants in Rajasthan) के पाए जाने के बाद सूबे में दहशत हो गई थी. लेकिन अब सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव (Omicron infected patients report negative) आ चुकी है. ऐसे में जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंड़ारी का बयान राहत देने वाला है. उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों में गंभीर लक्षण नहीं आएंगे.

हाल ही में राजधानी जयपुर में ओमीक्रोन केस (Omicron Cases in Jaipur) दर्ज किये गए थे. जयपुर में ओमीक्रोन के 9 मामले सामने आए थे. राहत भरी खबर ये है कि सभी मरीजों की रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है. इनका ट्रीटमेंट करने वाले डॉक्टर का कहना है कि मरीज एसिंप्टोमेटिक थे और उनमें कोरोना के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे. जयपुर में ओमीक्रोन के मामले सामने आने के बाद सभी 9 मरीजों को आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती किया गया था.

दोनों डोज लगाने के बाद ओमीक्रोन का खतरा कम- डॉ भंडारी

जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंड़ारी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था. मामले को लेकर डॉ सुधीर भंडारी (Dr Sudhir Bhandari on Omicron) का कहना है कि कोरोना की दूसरी लहर जब खत्म हुई तो धीरे-धीरे संक्रमण के मामले भी कम होने लगे, लेकिन इसी बीच कोरोना का एक नया वेरिएंट सामने आ गया. डॉ भंडारी का कहना है कि ओमीक्रोन का नया वेरिएंट सबसे पहले साउथ अफ्रीका में देखने को मिला था.

पढ़ें- राजस्थान : ओमीक्रोन से संक्रमित 9 मरीज Hospital से डिस्चार्ज, कोरोना के 38 नए मामले आए सामने

उन्होंने कहा कि नए वेरिएंट में यह सामने आया कि यह तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. जब जयपुर में ओमीक्रोन के 9 नए मामले मिले तो सभी मरीजों को क्वॉरंटाइन किया गया और इलाज के लिए आरयूएचएस अस्पताल में भी भर्ती किया गया. लेकिन इस दौरान किसी भी मरीज की स्थिति नहीं बिगड़ी. डॉ भंडारी ने कहा कि ओमीक्रोन का क्लीनिकल प्रोफाइल यह दिखाता है कि भले ही यह नया वेरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित करता है, लेकिन मरीजों में माइल्ड कैटेगरी के सिम्टम्स ही नजर आ रहे हैं.

ओमीक्रोन पर कोरोना वैक्सीन का असर

ओमीक्रोन पर कोरोना वैक्सीन का असर (Effect of corona vaccine on Omicron) क्या पड़ रहा है, इस सवाल के जवाब में डॉ सुधीर भंडारी ने दावा किया है कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके व्यक्ति को अगर संक्रमण अपनी चपेट में ले भी लेता है तो उसमें माइल्ड सिम्टम्स ही क्रिएट होंगे. वैक्सीन की दोनों डोज लगे हुए मरीज को क्रिटिकल या आईसीयू में भर्ती करने की नौबत नहीं आएगी.

डॉ. भंडारी ने कहा कि साउथ अफ्रीका की बात करें तो अब तक हजारों की संख्या में ओमीक्रोन से संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं. लेकिन सिर्फ 4% मरीज ही आईसीयू में भर्ती हुए हैं. लिहाजा कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी हों तो संक्रमित व्यक्ति में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिलेंगे.

Last Updated : Dec 10, 2021, 7:56 PM IST
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