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अलवर की सरसों बिकने के लिए जा रही है हरियाणा, व्यापारी और किसान परेशान - अलवर में लॉकडाउन

अलवर मंडी में इन दिनों सरसों, गेहूं, जो और चने की आवक हो रही है. लॉकडाउन के चलते प्रत्येक व्यापारी को केवल दो वाहनों की अनुमति दी गई है. इसलिए अलवर की सरसों बिकने के लिए हरियाणा की मंडियों में जा रही है.

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किसान है परेशान
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Published : May 7, 2020, 9:14 PM IST

अलवर. लॉकडाउन का नुकसान किसान, व्यापारी और सरकार को उठाना पड़ रहा है. प्रतिदिन हजारों बोरी सरसों बिकने के लिए हरियाणा की मंडियों में जा रही है. दरअसल सरसों की पैदावार सबसे ज्यादा अलवर और भरतपुर में होती है. मार्च से जून माह तक सरसों की फसल बिकने के लिए मंडी में आती है. जून से मई माह तक प्रतिदिन अलवर मंडी में 25 से 30 हजार बोरी सरसों की आवक होती है.

अलवर की सरसों बिकने के लिए जा रही है हरियाणा

इसी तरह से खैरथल मंडी में 40 हजार तक सरसों की बोरी की आवक होती है. लेकिन लॉकडाउन के चलते इस समय दोनों ही मंडियों में 4 से 5 हजार बोरी की आवक हो रही है. एक किसान को सरकार की तरफ से केवल दो वाहनों की अनुमति है. इन वाहनों की मदद से किसान जींस ला सकता है. ऐसे में किसान सरसों हरियाणा की मंडी में बेच रहे हैं.

पढ़ेंः एसीबी की कार्रवाई, 4000 रुपये की रिश्वत लेते हुए हेल्थ इंस्पेक्टर गिरफ्तार

मंडी व्यापारियों ने कहा कि लॉकडाउन में सख्ती होने के कारण किसान, व्यापारी और सरकार तीनों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अलवर मंडी सरसों के लिए पूरे देश में विशेष स्थान रखती है. अलवर में तेल की मिल अधिक है. इसलिए सरसों की खपत अलवर में ज्यादा रहती है. किसान मजबूरी में सरसों हरियाणा की मंडी में बेचने के लिए जा रहे हैं. यहीं हालात रहे तो आने वाले समय में किसान व्यापारियों की परेशानी बढ़ सकती है.

अलवर. लॉकडाउन का नुकसान किसान, व्यापारी और सरकार को उठाना पड़ रहा है. प्रतिदिन हजारों बोरी सरसों बिकने के लिए हरियाणा की मंडियों में जा रही है. दरअसल सरसों की पैदावार सबसे ज्यादा अलवर और भरतपुर में होती है. मार्च से जून माह तक सरसों की फसल बिकने के लिए मंडी में आती है. जून से मई माह तक प्रतिदिन अलवर मंडी में 25 से 30 हजार बोरी सरसों की आवक होती है.

अलवर की सरसों बिकने के लिए जा रही है हरियाणा

इसी तरह से खैरथल मंडी में 40 हजार तक सरसों की बोरी की आवक होती है. लेकिन लॉकडाउन के चलते इस समय दोनों ही मंडियों में 4 से 5 हजार बोरी की आवक हो रही है. एक किसान को सरकार की तरफ से केवल दो वाहनों की अनुमति है. इन वाहनों की मदद से किसान जींस ला सकता है. ऐसे में किसान सरसों हरियाणा की मंडी में बेच रहे हैं.

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मंडी व्यापारियों ने कहा कि लॉकडाउन में सख्ती होने के कारण किसान, व्यापारी और सरकार तीनों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है. अलवर मंडी सरसों के लिए पूरे देश में विशेष स्थान रखती है. अलवर में तेल की मिल अधिक है. इसलिए सरसों की खपत अलवर में ज्यादा रहती है. किसान मजबूरी में सरसों हरियाणा की मंडी में बेचने के लिए जा रहे हैं. यहीं हालात रहे तो आने वाले समय में किसान व्यापारियों की परेशानी बढ़ सकती है.

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