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अलवर : खेत में काम कर रहे लोगों पर गिरी आकाशीय बिजली...दो महिलाओं समेत 9 झुलसे - राजस्थान

नीमूचना गांव में खेत में फसल काटते समय अचानक तेज बारिश आने के कारण खेत में काम कर रहे लोग बचने के लिए एक पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए. उसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई.

अलवर में गिरी आकाशीय बिजली
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Published : Apr 12, 2019, 9:42 AM IST

अलवर. प्राकृतिक आपदा आकाशीय बिजली जिले में जानलेवा साबित होते-होते बची है. जिले के बानसूर उपखंड क्षेत्र के गांव नीमूचना में बीती रात अचानक मौसम बदलने के बाद बादल गरजने के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई. इस दौरान खेत में काम कर रहे 9 लोग झुलस गए.

घटना में 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. जिनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है. जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में चल रहा है.

दरअसल,नीमूचना गांव में खेत में फसल काटते समय अचानक तेज बारिश आने के कारण खेत में काम कर रहे लोग बचने के लिए एक पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए. उसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई. इसमें पेड़ के नीचे खड़े 9 लोग झुलस गए. सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं.

गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण सिंह ने बताया कि योगेश बंटी व केदार सहित पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. उनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है. जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में जारी है. मामले की सूचना जिला प्रशासन व पुलिस को दी गई है. पुलिस घायलों से पूछताछ कर रही है. तो वहीं जिला प्रशासन की तरफ से मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी. जिससे घायलों व उनके परिजनों को उचित मुआवजा मिल सकें.

अलवर में गिरी आकाशीय बिजली, 9 लोग झुलसे

क्या है आकाशीय बिजली
कड़क के साथ आसमान से गिरने वाली बिजली को तड़ित कहते हैं. आकाश में बादलों के बीच तब टक्कर होती है, यानि घर्षण होने से अचानक इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज निकलती है, ये तेजी से आसमान से जमीन की तरफ आता है. इस दौरान हमें तेज़ कड़क आवाज़ सुनाई देती है और बिजली की स्पार्किंग की तरह प्रकाश दिखाई देता है. इसी पूरी प्रक्रिया को आकाशीय बिजली कहते हैं. आकाशीय बिजली के गिरने से लोगों की इंसानों के साथ पशु-पक्षियों तक की मौत हो जाती है, हरे पेड़ तक गिर जाते हैं. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से बचाव संभव है.

आकाशीय बिजली के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • पानी, बिजली के तारों, खंभों, हरे पेड़ों और मोबाइल टॉवर आदि से दूरी बानकर हट जाएं.
  • आसमान के नीचे हैं तो अपने हाथों को कानों पर रख लें, ताकि बिजली की तेज आवाज़ से कान के पर्दे न फट जाएं.
  • अपनी दोनों एड़ियों को जोड़कर जमीन पर पर उकड़ू बैठ जाएं.
  • अगर इस दौरान आप एक से ज्यादा लोग हैं तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें, बल्कि एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें.
  • छतरी या सरिया जैसी कोई चीज हैं तो अपने से दूर रखें, ऐसी चीजों पर बिजली गिरने की आशंका सबसे ज्यादा होती है.
  • आपको बता दें कि आकाश से गिरी बिजली किसी न किसी माध्यम से जमीन में जाती है, और उस माध्यम में जो जीवित चीजें आती हैं, उनको नुकसान पहुंचता है.

अलवर. प्राकृतिक आपदा आकाशीय बिजली जिले में जानलेवा साबित होते-होते बची है. जिले के बानसूर उपखंड क्षेत्र के गांव नीमूचना में बीती रात अचानक मौसम बदलने के बाद बादल गरजने के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई. इस दौरान खेत में काम कर रहे 9 लोग झुलस गए.

घटना में 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. जिनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है. जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में चल रहा है.

दरअसल,नीमूचना गांव में खेत में फसल काटते समय अचानक तेज बारिश आने के कारण खेत में काम कर रहे लोग बचने के लिए एक पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए. उसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई. इसमें पेड़ के नीचे खड़े 9 लोग झुलस गए. सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं.

गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण सिंह ने बताया कि योगेश बंटी व केदार सहित पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. उनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है. जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में जारी है. मामले की सूचना जिला प्रशासन व पुलिस को दी गई है. पुलिस घायलों से पूछताछ कर रही है. तो वहीं जिला प्रशासन की तरफ से मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी. जिससे घायलों व उनके परिजनों को उचित मुआवजा मिल सकें.

अलवर में गिरी आकाशीय बिजली, 9 लोग झुलसे

क्या है आकाशीय बिजली
कड़क के साथ आसमान से गिरने वाली बिजली को तड़ित कहते हैं. आकाश में बादलों के बीच तब टक्कर होती है, यानि घर्षण होने से अचानक इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्ज निकलती है, ये तेजी से आसमान से जमीन की तरफ आता है. इस दौरान हमें तेज़ कड़क आवाज़ सुनाई देती है और बिजली की स्पार्किंग की तरह प्रकाश दिखाई देता है. इसी पूरी प्रक्रिया को आकाशीय बिजली कहते हैं. आकाशीय बिजली के गिरने से लोगों की इंसानों के साथ पशु-पक्षियों तक की मौत हो जाती है, हरे पेड़ तक गिर जाते हैं. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से बचाव संभव है.

आकाशीय बिजली के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

  • पानी, बिजली के तारों, खंभों, हरे पेड़ों और मोबाइल टॉवर आदि से दूरी बानकर हट जाएं.
  • आसमान के नीचे हैं तो अपने हाथों को कानों पर रख लें, ताकि बिजली की तेज आवाज़ से कान के पर्दे न फट जाएं.
  • अपनी दोनों एड़ियों को जोड़कर जमीन पर पर उकड़ू बैठ जाएं.
  • अगर इस दौरान आप एक से ज्यादा लोग हैं तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें, बल्कि एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें.
  • छतरी या सरिया जैसी कोई चीज हैं तो अपने से दूर रखें, ऐसी चीजों पर बिजली गिरने की आशंका सबसे ज्यादा होती है.
  • आपको बता दें कि आकाश से गिरी बिजली किसी न किसी माध्यम से जमीन में जाती है, और उस माध्यम में जो जीवित चीजें आती हैं, उनको नुकसान पहुंचता है.
Intro:अलवर के बानसूर उपखंड क्षेत्र के गांव नीमूचना में बीती रात अचानक मौसम बदलने के बाद बादल गरजने के दौरान आकाशीय बिजली गिर गई। इस दौरान खेत में काम कर रहे 9 लोग झुलस गए। घटना में 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जिनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में चल रहा है।


Body:नीमूचना गांव में खेत में फसल काटते समय अचानक तेज बारिश आने के कारण खेत में काम कर रहे लोग बचने के लिए एक पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए। उसी दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई।

इसमें पेड़ के नीचे खड़े 9 लोग झुलस गए। सभी एक ही गांव के रहने वाले हैं। गांव के सरपंच प्रतिनिधि प्रवीण सिंह ने बताया कि योगेश बंटी व केदार सहित पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। उनको इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। जबकि अन्य का इलाज कोटपुतली के अस्पताल में जारी है।


Conclusion:मामले की सूचना जिला प्रशासन व पुलिस को दी गई है। पुलिस घायलों से पूछताछ कर रही है। तो वहीं जिला प्रशासन की तरफ से मामले की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी। जिससे घायलों व उनके परिजनों को उचित मुआवजा मिल सके।

इस संबंध में विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी बिजली गजे तो किसी भी पेड़ का सहारा नहीं लेना चाहिए। क्योंकि बिजली पेड़ या बिजली के खंभों में होती हुई जमीन में जाती है।
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