Sagar Agnikund Mela: यहां आग पर दौड़ती है आस्था! परंपरा या अंधविश्वा [Video] - सागर अंगारों पर से नंगे पैर निकले श्रद्धालु
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सागर। जिले के देवरी विकासखंड के सिलारी गांव के श्री हनुमान मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी अग्निकुंड मेले का आयोजन किया गया. हर साल अगहन मास की अमावस्या पर अग्निकुंड मेले का आयोजन किया जाता है. इस मेले में मनोकामना पूर्ति पर दहकते अंगारों पर निकलकर अपनी आस्था पेश करते हैं. अगहन मास की अमावस्या से मेला शुरू होता है. मेले के पहले दिन 15 श्रृद्धालु अग्निकुंड में दहकते अंगारों पर निकलते हैं. मेला लगातार 25 सालों से भरा जा रहा है. मेले के अवसर पर सिलारी गांव में भक्तों का तांता लग जाता है. सिलारी गांव के श्री देव हनुमान मंदिर का प्रसिद्ध मंदिर है. आसपास के और स्थानीय लोग गहरी आस्था रखते है. कहा जाता है कि यह प्रतिमा स्वयं सिद्ध प्रतिमा है. किंवदंती है कि हनुमान जी के लिए तपेश्वरी महाराज अपने कंधों पर बैठाकर चार धाम की परिक्रमा पर निकले थे. परिक्रमा पथ पर विश्राम के लिए वह जगह जगह बैठ जाते थे और धीरे-धीरे आगे बढ़ते थे. 4 धाम की परिक्रमा के दौरान वह सिलारी गांव से गुजरे और उन्होंने यहां विश्राम करना ठीक समझा. विश्राम के बाद वह जब हनुमान जी को फिर से कंधे पर बिठाने लगे, तो हनुमान जी की प्रतिमा टस के मस नहीं हुई.
Last Updated : Feb 3, 2023, 8:33 PM IST