सिंगरौली/शिवपुरी/जबलपुर। मध्यप्रदेश में नियमितीकरण की मांग को लेकर पिछले 8 दिनों से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं. प्रदेश के अलग-अलग शहरों में भी संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल कर रखा है, तमाम संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांग को लेकर धरना दे रहे हैं. फिलहाल आज आठवें दिन जबलपुर में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने आंदोलन के दौरान भैंस के आगे बीन बजा कर प्रदर्शन किया, इस संकेतिक प्रदर्शन में भैंस को शासन के रूप में प्रदर्शित किया गया और बीन बजाने वालों को संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के रूप में दर्शाया गया. इसी के साथ शिवपुरी में हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सीएम के नाम खून से खत लिखकर नियमितीकरण की मांग की है.
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भैस के आगे बीन बजाकर जताया विरोध: संविदा स्वास्थ्य कर्मी बीते कई सालों से नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं. समय-समय पर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा ज्ञापन और आवेदन भी दिए गए, बावजूद इसके मध्यप्रदेश में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का नियमितीकरण नहीं किया गया. (contract health workers strike in MP) अब आज आंदोलन के 8वें दिन सिंगरौली और जबलपुर के टाउन हॉल गांधी भवन में टेंट लगाकर बैठे संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया. इसके बाद भैंस के सामने बीन बजा कर संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित करने की मांग की.
सीएम को लिखा खून से लिखा खत: शिवपुरी जिला मुख्यालय पर हड़ताली कर्मचारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर सरकार से नियमितीकरण की मांग की. इसके साथ ही हड़ताली कर्मचारियों ने कर्मचारियों ने शिवपुरी विधायक एवं मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के कार्यालय पर पहुंचकर नियमितीकरण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और खून से लिखा एक पत्र कार्यालय प्रभारी को सौंपा है. इस मौके पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी यशपाल दांगी ने बताया कि, "प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जन्म से लेकर मृत्यु तक स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने का कार्य संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा बड़े लगन के साथ किया जा रहा है किंतु सरकार उन्हें नियमितीकरण के साथ मंहगाई भत्ता, मेडिकल सहित अन्य लाभ नहीं दे रही है जो अन्य कर्मचारियों को दिये जा रहे हैं.संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बताया कि इस बार जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा." गौरतलब है कि बीते 8 दिनों से प्रदेशभर में करीब 32 हजार स्वास्थ्य संविदा कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं, जिसमें जबलपुर के 2200 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भी शामिल हैं.