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प्रवासी मजदूरों के लिए रैन बसेरा बना ISBT, etv भारत ने जाना प्रवासी मजदूरों का हाल - आईएसबीटी बस स्टैंड

केंद्र एवं राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बाद भी मजदूरों का अपने घरों तक पहुंचने का संघर्ष जारी है. जिले में रोजाना पैदल यात्रा करते हुए सैकड़ों मजदूर पहुंच रहे हैं. इनके रुकने के लिए आईएसबीटी बस स्टैंड में प्रवासी मजदूरों के लिए रैन बसेरा बन गया है. जहां मजदूरों को रोकने के बाद उन्हें घर पहुंचाया जा रहा है.

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प्रवासी मजदूरों के लिए बना रैन बसेरा बना आईएसबीटी बस स्टैंड
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Published : May 17, 2020, 11:20 PM IST

जबलपुर। केंद्र एवं राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बाद भी मजदूरों का अपने घरों तक पहुंचने का संघर्ष जारी है. जिले में रोजाना पैदल यात्रा करते हुए सैकड़ों मजदूर पहुंच रहे हैं. इनके रुकने के लिए आईएसबीटी बस स्टैंड में प्रवासी मजदूरों के लिए रैन बसेरा बन गया है. जहां कुछ युवक हैदराबाद से पैदल चलकर पहुंचे. जो कि हैदराबाद की बिजली कंपनी में इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे. लेकिन लॉकडाउन जैसी विपरीत स्थिति में कंपनी ने उन्हें पेमेंट नहीं दिया. जिसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया और वे पैदल ही सफर पर चल पड़े.

प्रवासी मजदूरों के लिए बना रैन बसेरा बना आईएसबीटी बस स्टैंड

मजदूरों ने बताया कि जबलपुर पहुंचने के लिए उन्होंने कई बार बस और ट्रक से लिफ्ट भी ली. इस दौरान उन्हें बस में टिकट के पैसे नहीं देने पड़े, लेकिन ट्रक चालकों ने दोगुने और तीन गुने तक पैसे वसूल किये. इसके बाद भी वो किसी तरह जबलपुर तक पहुंचे हैं. जहां पहुंचने पर उन्हें रात को बस टर्मिनस में ही रुकने के लिए कहा गया. इस दौरान उनकी स्क्रीनिग की गई. इसके बाद उनके बस टर्मिनस में रुकने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया गया है. साथ ही उनके पहुंचने की जानकारी प्रशासन को दी गई. जिससे उनके जाने का इंतजाम भी किया जा सके.

बस टर्मिनस में ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर सचिन ने बताया कि कई बार मजदूर तत्काल साधन का इंतजाम करने की मांग करते हैं, जो व्यवहारिक परेशानी है. लेकिन जो मजदूर यहां पहुंच रहे हैं, उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है. बहरहाल आईएसबीटी में बसों से मजदूरों का आना और फिर बसों के जरिए उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है.

जबलपुर। केंद्र एवं राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बाद भी मजदूरों का अपने घरों तक पहुंचने का संघर्ष जारी है. जिले में रोजाना पैदल यात्रा करते हुए सैकड़ों मजदूर पहुंच रहे हैं. इनके रुकने के लिए आईएसबीटी बस स्टैंड में प्रवासी मजदूरों के लिए रैन बसेरा बन गया है. जहां कुछ युवक हैदराबाद से पैदल चलकर पहुंचे. जो कि हैदराबाद की बिजली कंपनी में इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे. लेकिन लॉकडाउन जैसी विपरीत स्थिति में कंपनी ने उन्हें पेमेंट नहीं दिया. जिसके चलते उनके सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया और वे पैदल ही सफर पर चल पड़े.

प्रवासी मजदूरों के लिए बना रैन बसेरा बना आईएसबीटी बस स्टैंड

मजदूरों ने बताया कि जबलपुर पहुंचने के लिए उन्होंने कई बार बस और ट्रक से लिफ्ट भी ली. इस दौरान उन्हें बस में टिकट के पैसे नहीं देने पड़े, लेकिन ट्रक चालकों ने दोगुने और तीन गुने तक पैसे वसूल किये. इसके बाद भी वो किसी तरह जबलपुर तक पहुंचे हैं. जहां पहुंचने पर उन्हें रात को बस टर्मिनस में ही रुकने के लिए कहा गया. इस दौरान उनकी स्क्रीनिग की गई. इसके बाद उनके बस टर्मिनस में रुकने और खाने-पीने का पूरा इंतजाम किया गया है. साथ ही उनके पहुंचने की जानकारी प्रशासन को दी गई. जिससे उनके जाने का इंतजाम भी किया जा सके.

बस टर्मिनस में ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर सचिन ने बताया कि कई बार मजदूर तत्काल साधन का इंतजाम करने की मांग करते हैं, जो व्यवहारिक परेशानी है. लेकिन जो मजदूर यहां पहुंच रहे हैं, उनका पूरा ध्यान रखा जा रहा है. बहरहाल आईएसबीटी में बसों से मजदूरों का आना और फिर बसों के जरिए उन्हें घर तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ रहा है.

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