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नर्मदा नदी उफान पर, किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया - देवास में बाढ़

देवास जिले में शनिवार से तेज तो कहीं रुक रूककर की बारिश का दौर जारी है. जिसके चलते बागली क्षेत्र का धराजी घाट खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है. वहीं घाट के किनारे बसे ग्रामों से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है.

Flood condition in dewas
नर्मदा नदी उफान पर
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Published : Aug 31, 2020, 8:03 PM IST

देवास। जिले के बागली क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी है. नर्मदा नदी पर बने डैम के गेट खोले जाने से धराजी घाट में पानी खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर बह रहा है. जिसके चलते क्षेत्र के ग्राम गुवाड़ी, नयापुरा और धाराजी सहित आठ गांवों के लोगों को स्थानीय प्रशासन ने नाव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है.

बागली क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज बारिश रविवार को भी रुक रुक कर दिन भर होती रही. साथ ही पुनासा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं. इसके चलते रविवार को धराजी में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 196 मीटर से 2 मीटर बढ़कर 198 मीटर हो गया है. तट पर बसे धाराजी, गुवाड़ी, नयापुरा सहित 8 गांव जलभराव से टापू बन गए हैं. रविवार सुबह उदयनगर थाना प्रभारी शशांक जैन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर नावों से उन्हें धाराजी के पास पुनर्वास स्थल पर बने स्कूल सहित अन्य सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया.

तेज बारिश में डूबे पुल

प्रदेश में हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिसके चलते जिले का धाराजी का मुख्य घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. साथ ही पीपरी-धाराजी मार्ग और धाराजी-नयापुरा मार्ग पर बने ब्रिज पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. ब्रिज की रेलिंग तक नहीं दिखाई दे रही है.

किसानों की फसल बर्बाद

तेज बारिश के चलते अधिकांश किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं. बागली एसडीएम अरविंद चौहान जनपद सीईओ अमित कुमार व्यास, बागली एसडीओपी एस एल सिसोदिया ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया और जलभराव क्षेत्र में लोगों को सावधानी बरतने की समझाइश दी. इधर किसानों ने अधिकारियों से जलमग्न हुई फसलों के लिए राहत राशि की मांग की है. वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि शासन ने हमारी जमीन का मुआवजा नहीं दिया है. हम अपनी जमीन छोड़कर नहीं जा सकते. जिसके बाद लोगों को प्रशासन द्वारा समझाइश देकर पुनर्वास केंद्रों पर भेजा गया.

देवास। जिले के बागली क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी है. नर्मदा नदी पर बने डैम के गेट खोले जाने से धराजी घाट में पानी खतरे के निशान से 2 फीट ऊपर बह रहा है. जिसके चलते क्षेत्र के ग्राम गुवाड़ी, नयापुरा और धाराजी सहित आठ गांवों के लोगों को स्थानीय प्रशासन ने नाव से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है.

बागली क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज बारिश रविवार को भी रुक रुक कर दिन भर होती रही. साथ ही पुनासा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं. इसके चलते रविवार को धराजी में नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से 196 मीटर से 2 मीटर बढ़कर 198 मीटर हो गया है. तट पर बसे धाराजी, गुवाड़ी, नयापुरा सहित 8 गांव जलभराव से टापू बन गए हैं. रविवार सुबह उदयनगर थाना प्रभारी शशांक जैन टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देकर नावों से उन्हें धाराजी के पास पुनर्वास स्थल पर बने स्कूल सहित अन्य सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया.

तेज बारिश में डूबे पुल

प्रदेश में हो रही तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जिसके चलते जिले का धाराजी का मुख्य घाट पूरी तरह से जलमग्न हो गया है. साथ ही पीपरी-धाराजी मार्ग और धाराजी-नयापुरा मार्ग पर बने ब्रिज पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं. ब्रिज की रेलिंग तक नहीं दिखाई दे रही है.

किसानों की फसल बर्बाद

तेज बारिश के चलते अधिकांश किसानों की फसलें भी जलमग्न हो गई हैं. बागली एसडीएम अरविंद चौहान जनपद सीईओ अमित कुमार व्यास, बागली एसडीओपी एस एल सिसोदिया ने नाव से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया और जलभराव क्षेत्र में लोगों को सावधानी बरतने की समझाइश दी. इधर किसानों ने अधिकारियों से जलमग्न हुई फसलों के लिए राहत राशि की मांग की है. वहीं स्थानीय निवासियों का कहना है कि शासन ने हमारी जमीन का मुआवजा नहीं दिया है. हम अपनी जमीन छोड़कर नहीं जा सकते. जिसके बाद लोगों को प्रशासन द्वारा समझाइश देकर पुनर्वास केंद्रों पर भेजा गया.

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